दिल्ली में शुक्रवार को गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया। सुबह से लगातार हो रही बारिश के बावजूद कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाओं के जवानों ने अनुशासन और जोश के साथ कदमताल की। इस दौरान भारतीय सेना की भैरव बटालियन पहली बार कर्तव्य पथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल का हिस्सा बनी।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में कई नई और अत्याधुनिक सैन्य क्षमताओं की झलक देखने को मिलेगी। पहली बार शक्ति बाण, दिव्यास्त्र बैटरी, भैरव बटालियन, यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम, रोबोटिक डॉग, ईगल, बैक्ट्रियन कैमल और जंस्कार पोनी जैसे आकर्षण परेड में शामिल होंगे। हर साल 23 जनवरी को होने वाली इस रिहर्सल में इस बार भी कलाकारों और सैन्यकर्मियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। बारिश के बावजूद उनके हौसले में कोई कमी नजर नहीं आई।
30 झांकियां बढ़ाएंगी परेड की शोभा
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर कुल 30 झांकियां निकाली जाएंगी। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी, जबकि 13 झांकियां अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की होंगी। इस वर्ष झांकियों की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है।
सैन्य कार्य विभाग की त्रि-सेवा झांकी में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘संयुक्तता से विजय’ की झलक दिखाई जाएगी। वहीं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित झांकी के माध्यम से विकसित भारत की ओर बढ़ती भारतीय स्कूली शिक्षा को प्रदर्शित करेगा। ये झांकियां देश-दुनिया के सामने भारत की स्वतंत्रता, सांस्कृतिक विरासत, नवाचार और आत्मनिर्भरता की सशक्त तस्वीर पेश करेंगी।
वायुसेना का फ्लाइ पास्ट रहेगा खास
गणतंत्र दिवस समारोह में भारतीय वायुसेना का फ्लाइ पास्ट इस बार विशेष आकर्षण होगा। फाइटर जेट्स आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाएंगे, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की याद दिलाएगा। इस फॉर्मेशन में दो राफेल, दो मिग-29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान कर्तव्य पथ के ऊपर उड़ान भरते नजर आएंगे। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था।
डीआरडीओ दिखाएगा स्वदेशी रक्षा शक्ति
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) गणतंत्र दिवस परेड और भारत पर्व 2026 के दौरान कई स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करेगा। इनमें लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल प्रमुख है। इसके अलावा डीआरडीओ की विशेष झांकी कॉम्बैट सबमरीन के लिए विकसित नौसैनिक प्रौद्योगिकियों पर आधारित होगी।
डीआरडीओ लॉन्चर के साथ लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल का प्रदर्शन करेगा। यह अत्याधुनिक हथियार प्रणाली भारतीय नौसेना की तटीय सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है, जो देश की बढ़ती रक्षा क्षमताओं को दर्शाएगी।