पटना : बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। सरकार ने 50 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) देने और 5 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर रहेगा जोर
सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि युवाओं को ऐसे कौशल प्रशिक्षण दिए जाएं, जिनकी उद्योगों में वास्तविक मांग है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तार देने, नए प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने और मौजूदा व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
आईटीआई और प्रशिक्षण संस्थानों का होगा विस्तार
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के विस्तार और प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक और उद्योग आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी बल दिया गया, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को रोजगार पाने में आसानी हो।
पीएम विश्वकर्मा योजना पर भी रहेगा फोकस
सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत भी बड़े पैमाने पर युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। अधिकारियों को इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक लाभार्थियों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है सरकार का पूरा लक्ष्य?
सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी है। इसी वजह से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा महिलाओं के कौशल विकास, अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकी शिक्षा को भी इस योजना का हिस्सा बनाया जा रहा है। हाल ही में बिहार सरकार और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के बीच स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर तथा महिला राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI-W) को लेकर भी महत्वपूर्ण पहल की गई है।
युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि इस रोडमैप के लागू होने से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी। साथ ही उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। सरकार ने संबंधित विभागों को लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए हैं।