पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। गया में आयोजित दो दिवसीय आवासीय प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि हर विधायक को अपने क्षेत्र के अगले पांच वर्षों के विकास का स्पष्ट रोडमैप तैयार करना चाहिए, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
पांच साल की विकास रूपरेखा तैयार करने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार हर वर्ष बजट और विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करती है, उसी तरह प्रत्येक विधायक को भी अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए पांच वर्षों की कार्ययोजना बनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अब तक केवल कुछ ही विधायकों ने इस दिशा में सुझाव दिए हैं, जबकि सभी जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप विस्तृत योजना तैयार करनी चाहिए।
पहले साल से ही तय हों विकास के लक्ष्य
सम्राट चौधरी ने कहा कि विधायकों को यह भी तय करना होगा कि पहले वर्ष में कौन-कौन से विकास कार्य प्राथमिकता में होंगे। साथ ही यह भी योजना बनानी होगी कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत होगी, स्थानीय जीडीपी में कैसे वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर किस प्रकार बढ़ेंगे और प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से आम लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ कैसे प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।
योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर देना होगा विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार की योजनाओं और प्रशासनिक ढांचे पर अधिक फोकस करने की जरूरत है। यदि प्रत्येक विधानसभा के लिए व्यवस्थित विकास योजना तैयार होगी तो विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन दोनों अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेंगे।
प्रबोधन कार्यक्रम का उद्देश्य
गया के बिपार्ड परिसर में आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का उद्देश्य विधायकों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, संसदीय परंपराओं, सदन में अनुशासित तरीके से अपनी बात रखने की प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।
विधायक मैथिली ठाकुर ने की कार्यक्रम की सराहना
कार्यक्रम में शामिल विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि इस तरह के प्रबोधन कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से संसदीय कार्यप्रणाली और विधायकों की जिम्मेदारियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं, जो जनसेवा के कार्यों को और प्रभावी बनाने में मदद करती हैं।