पटना: बिहार में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के प्रदर्शन और उन पर दर्ज एफआईआर के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
छात्रों पर FIR को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और सरकार को विरोध की आवाज सुननी चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास करना चाहिए।
पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता ने NEET पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए।
बिहार में छात्रों पर हुई कार्रवाई
बिहार में हाल ही में छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है।
क्या है पूरा मामला?
NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है। इसी मुद्दे पर बिहार में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद कई छात्रों पर एफआईआर दर्ज हुई, जिसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों पर सवाल उठाते हुए सरकार से संवेदनशील रवैया अपनाने की मांग की है।
आगे क्या होगा?
छात्र प्रदर्शन और दर्ज एफआईआर से जुड़े मामलों की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्ष सरकार से छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग कर रहा है। इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी लगातार तेज होती जा रही है।