Bankipur By-Election: नेताओं की गिरफ्तारी पर थाने पहुंचे प्रशांत किशोर, पुलिस कार्रवाई को बताया लोकतंत्र पर हमला

Bankipur By-Election: Prashant Kishor visits police station after leaders' arrest; terms police action an attack on democracy

पटना : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच जन सुराज के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर अपने नेताओं की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई और पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाए। इस दौरान थाने के बाहर जन सुराज के समर्थकों की भी भीड़ जुटी रही।

क्या है पूरा मामला?

जन सुराज का आरोप है कि मतदान के दौरान या उससे पहले पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और पुलिस ने हिरासत में लिया। पार्टी का दावा है कि यह कार्रवाई बिना पर्याप्त आधार के की गई और इसका उद्देश्य चुनावी गतिविधियों को प्रभावित करना था। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई।

थाने में पुलिस अधिकारियों से हुई बातचीत

प्रशांत किशोर जक्कनपुर थाना पहुंचे और अधिकारियों से हिरासत में लिए गए नेताओं की जानकारी मांगी। इस दौरान थाने में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल भी बना। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस अधिकारियों और प्रशांत किशोर के बीच तीखी बहस हुई। एक पुलिसकर्मी और प्रशांत किशोर के बीच हुई नोकझोंक भी चर्चा का विषय बनी।

प्रशांत किशोर ने क्या कहा?

प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विपक्षी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के खिलाफ कोई ठोस आरोप है तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना उचित कारण नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां चुनावी माहौल या शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की आशंका पैदा करती हैं, तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों के तहत की गई है।

क्यों बढ़ा विवाद?

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव पहले से ही राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज के बीच कड़ा मुकाबला है। ऐसे समय में जन सुराज नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बन गया है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव बता रहा है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था की कार्रवाई बता रहा है।

आगे क्या होगा?

जन सुराज ने अपने नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर लड़ाई जारी रखने की बात कही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि यदि किसी को कार्रवाई पर आपत्ति है तो वह कानूनी प्रक्रिया का सहारा ले सकता है। चुनाव के बीच यह घटनाक्रम बांकीपुर उपचुनाव की राजनीति को और गर्मा सकता है।

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