नई दिल्ली: ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगे हैं। सोमवार को जामिया इलाके में क्राइम ब्रांच की टीम ने हत्या के आरोपी शाहबाज खान को गिरफ्तार करने का प्रयास किया था, लेकिन इस दौरान अमानतुल्लाह खान और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की की और आरोपी को वहां से भगा दिया।
कई गैर-जमानती धाराएं और पुलिस कार्रवाई
अमानतुल्लाह खान के खिलाफ पुलिस ने दंगा फैलाने और BNS की धारा 191(2) के तहत मामला दर्ज किया है, क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से भीड़ इकट्ठा की और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इस धारा के तहत यदि कोई व्यक्ति गैरकानूनी सभा का हिस्सा होता है और उस सभा के दौरान कोई अपराध होता है, तो उसे भी दोषी माना जाता है। इनमें से कई धाराएं गैर-जमानती हैं, जिससे अमानतुल्लाह और उनके समर्थकों पर गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
क्या है अमानतुल्लाह की भूमिका?
शाहबाज खान, जो 2018 में हत्या के प्रयास का आरोपी है, को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम जामिया इलाके में पहुंची थी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया और विधायक अमानतुल्लाह खान को बुला लिया। पुलिस का आरोप है कि अमानतुल्लाह खान अपने समर्थकों के साथ आए और पुलिस के साथ झड़प की, जिसके दौरान आरोपी फरार हो गया और एक अन्य आरोपी को जबरदस्ती पुलिस टीम से छुड़ा लिया गया।
अमानतुल्लाह खान ने अपने समर्थकों के साथ पुलिस से कह दिया कि “तुम्हारी यहां आने की हिम्मत कैसे हुई?” और यह भी कहा कि “हमारी एक आवाज पर यहां इतने लोग जमा हो जाएंगे कि तुम लोग गायब हो जाओगे।” इसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा, “तुम जानते नहीं मैं कौन हूं, मैं तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा।” अमानतुल्लाह ने आगे कहा कि एक और केस लगने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
इस दौरान आरोप यह भी लगे हैं कि ‘आप’ नेता और उनके समर्थकों ने पुलिस पर हमला किया। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि झड़प के बाद 2 पुलिस अधिकारियों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया था, हालांकि उन्हें कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद पुलिस ने विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ शिकायत दर्ज की और अब कानूनी कार्रवाई जारी है।