जम्मू: नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तानी सेना ने लगातार 12वें दिन संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर के कई सीमावर्ती इलाकों में गोलीबारी की। भारतीय सेना के अनुसार, 5-6 मई की रात कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के आसपास पाक सेना की चौकियों से बिना किसी उकसावे के छोटे हथियारों से फायरिंग की गई। भारतीय सेना ने इस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया।
साइबर मोर्चे पर भी हमलावर पाकिस्तान
पाकिस्तान न केवल सीमाओं पर गोलीबारी कर रहा है, बल्कि अब साइबर हमलों के जरिए भी भारत की सुरक्षा को निशाना बना रहा है। “पाकिस्तान साइबर फोर्स” नामक ट्विटर अकाउंट के जरिए यह दावा किया गया है कि पाक हैकर्स ने भारतीय सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (MES) और मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान की वेबसाइट्स से संवेदनशील डेटा चुराया है।
इन हमलों से यह संकेत मिलता है कि हमलावरों को रक्षा कर्मियों की निजी जानकारियों और लॉगिन क्रेडेंशियल्स तक पहुंच मिल गई हो सकती है। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है।
वैश्विक समर्थन में जापान भारत के साथ
इस संकट के बीच भारत को वैश्विक स्तर पर समर्थन भी मिल रहा है। सोमवार को जापान के रक्षामंत्री जनरल नाकातानी भारत पहुंचे और उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस द्विपक्षीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले पर भी चर्चा हुई।
जापानी रक्षामंत्री ने भारत को पूर्ण समर्थन देने की बात कहते हुए कहा कि जापान हर स्थिति में भारत के साथ खड़ा है। बैठक के उपरांत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें जापानी समकक्ष से मिलकर खुशी हुई और भारत-जापान की साझेदारी को और अधिक रणनीतिक, विशेष और वैश्विक बताया।
भारत ने जहां एक ओर संयम बनाए रखा है, वहीं सैन्य और साइबर दोनों मोर्चों पर उचित और ठोस जवाब देने की तैयारी भी की है।