मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे की फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ में दिखाए गए भरतनाट्यम फ्यूज़न परफॉर्मेंस को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद जारी है। इस बीच अभिनेत्री के पिता और अभिनेता चंकी पांडे ने बेटी का बचाव करते हुए कहा है कि लोगों ने इस प्रस्तुति को गलत तरीके से समझा है।
दरअसल, फिल्म के एक दृश्य में अनन्या पांडे नटराज की प्रतिमा के सामने भरतनाट्यम स्टाइल में फ्यूज़न डांस करती नजर आती हैं। इस सीन के वायरल होने के बाद कुछ क्लासिकल डांस प्रेमियों और भरतनाट्यम कलाकारों ने इसकी आलोचना की, जबकि सोशल मीडिया पर भी अनन्या को ट्रोल किया जाने लगा।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए चंकी पांडे ने कहा कि यह कोई पारंपरिक या शुद्ध भरतनाट्यम प्रस्तुति नहीं थी, बल्कि एक फ्यूज़न परफॉर्मेंस थी, जैसा अक्सर कॉलेज इवेंट्स में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि लोग इसे पारंपरिक भरतनाट्यम मानकर अनन्या को जज कर रहे हैं, जबकि फिल्म का मकसद एक रचनात्मक प्रयोग दिखाना था।
चंकी पांडे ने आगे कहा कि असली भरतनाट्यम एक साधना की तरह है और इसे सीखने में वर्षों की मेहनत लगती है। उनके मुताबिक, फिल्म में दिखाया गया डांस पारंपरिक कला और आधुनिक डांस शैली का एक फ्यूचरिस्टिक मिश्रण था। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पहले फिल्म देखें और उसके बाद अपनी राय बनाएं।
फिल्म, जो 22 मई को रिलीज हुई, उसमें अनन्या पांडे ‘चांदनी’ नाम की युवती का किरदार निभा रही हैं। कहानी के अनुसार, चांदनी की मां भरतनाट्यम डांसर होती हैं, लेकिन कॉलेज कार्यक्रम के लिए वह पारंपरिक शैली की जगह फ्यूज़न डांस को चुनती है।
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ यूजर्स ने फ्यूज़न डांस की आलोचना की, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि फ्यूज़न का उद्देश्य परंपरा को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे नए दर्शकों तक पहुंचाना होता है। हालांकि, कई क्लासिकल डांस प्रेमियों का मानना है कि भरतनाट्यम केवल एक नृत्य शैली नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत है, इसलिए इसके साथ संवेदनशीलता और सावधानी बरती जानी चाहिए।