दरभंगा: दरभंगा जिले में रविवार से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई। अभियान के पहले दिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में विशेष बूथों के माध्यम से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई। अभियान का शुभारंभ जिला पदाधिकारी (DM) राजीव रौशन ने सदर अस्पताल में बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर किया।
अधिकारियों ने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां स्वास्थ्यकर्मी और आंगनबाड़ी सेविकाएं बच्चों को पोलियो की खुराक देने का काम कर रही हैं। अभियान का उद्देश्य जिले के सभी पात्र बच्चों तक पहुंचकर उन्हें पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखना है।
पहले दिन बूथों पर दिखी अच्छी भागीदारी
अभियान के पहले दिन जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, सरकारी अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर बनाए गए बूथों पर अभिभावकों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले दिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप बच्चों को दवा पिलाने का कार्य किया गया। कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को अभियान के प्रति जागरूक भी किया।
DM ने की अभिभावकों से अपील
अभियान की शुरुआत के दौरान DM राजीव रौशन ने कहा कि पोलियो उन्मूलन की दिशा में यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं। उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंद बच्चों को आजीवन विकलांगता से बचाने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए किसी भी बच्चे को इस अभियान से वंचित नहीं रहना चाहिए।
घर-घर जाकर भी दी जाएगी खुराक
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बूथ दिवस के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की टीम घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाएगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। जिले के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय रहेंगी ताकि कोई भी बच्चा अभियान से छूट न जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने की व्यापक तैयारी
पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही व्यापक तैयारी की थी। वैक्सीन की उपलब्धता, बूथों की व्यवस्था, स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती और निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी और प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
पोलियो मुक्त भारत को बनाए रखना बड़ी चुनौती
भारत को पोलियो मुक्त घोषित किए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार टीकाकरण अभियान को जारी रखने पर जोर देते हैं। उनका मानना है कि नियमित पोलियो अभियान ही बच्चों को इस बीमारी से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। दरभंगा में शुरू हुआ यह अभियान भी उसी राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान को लेकर प्रशासन आश्वस्त
जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि अभियान के दौरान जिले के सभी पात्र बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए इस अभियान में भागीदारी बेहद जरूरी है।
पल्स पोलियो अभियान के पहले दिन मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया से स्वास्थ्य विभाग उत्साहित है और आने वाले दिनों में घर-घर पहुंचकर अभियान को और प्रभावी बनाने की तैयारी कर रहा है।