बांकीपुर में BJP ने क्यों बदला उम्मीदवार? अभिषेक बंटी की जगह नीरज सिन्हा पर दांव लगाने के पीछे क्या है रणनीति

Why did the BJP change its candidate in Bankipur What is the strategy behind betting on Neeraj Sinha instead of Abhishek Bunty

पटना: बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आखिरी समय में बड़ा बदलाव करते हुए अपने घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब इस सीट पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर चुनाव लड़ रहे हैं और मुकाबला पूरे राज्य की राजनीति का केंद्र बन चुका है।

अभिषेक बंटी ने क्यों छोड़ी उम्मीदवारी?

बीजेपी ने पहले अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था। लेकिन नामांकन के तुरंत बाद उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने उनकी जगह नीरज कुमार सिन्हा को अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया।

नीरज सिन्हा पर क्यों जताया भरोसा?

बीजेपी का मानना है कि बांकीपुर जैसी प्रतिष्ठित सीट पर ऐसा उम्मीदवार उतारा जाए जो संगठन के साथ मजबूत तालमेल रखता हो और स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वीकार्यता रखता हो। पार्टी ने इसी रणनीति के तहत नीरज कुमार सिन्हा को टिकट देकर चुनावी समीकरण साधने की कोशिश की है। उनके नाम पर केंद्रीय नेतृत्व की भी मुहर लगी है।

प्रशांत किशोर की चुनौती ने बढ़ाया चुनाव का महत्व

इस बार बांकीपुर उपचुनाव सामान्य चुनाव नहीं माना जा रहा है। जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर पहली बार इसी सीट से चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में बीजेपी इस सीट को हर हाल में अपने कब्जे में बनाए रखना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी उम्मीदवार चयन से लेकर चुनावी रणनीति तक हर कदम बेहद सावधानी से उठा रही है।

विपक्ष ने साधा निशाना

उम्मीदवार बदलने के फैसले के बाद विपक्ष ने बीजेपी पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि नामांकन के बाद उम्मीदवार बदलना पार्टी की अंदरूनी स्थिति को दर्शाता है। वहीं, प्रशांत किशोर ने भी इसे बीजेपी की रणनीतिक कमजोरी बताते हुए निशाना साधा। हालांकि बीजेपी का कहना है कि उम्मीदवार परिवर्तन पूरी तरह पारिवारिक कारणों की वजह से हुआ और इससे चुनावी तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अब मुकाबला और दिलचस्प

नीरज कुमार सिन्हा के मैदान में उतरने के बाद बांकीपुर का मुकाबला और रोचक हो गया है। एक ओर बीजेपी अपनी पारंपरिक सीट बचाने की चुनौती से जूझ रही है, तो दूसरी ओर प्रशांत किशोर इस चुनाव को अपनी राजनीतिक साख से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर पूरे बिहार की नजर बनी हुई है।

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