पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर और 30 दिन में समाधान का निर्देश, सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दिए कड़े आदेश

Assistance Camps at the Panchayat Level and a Directive for Resolution Within 30 Days: CM Samrat Chaudhary Issues Strict Orders to Officials.

पटना: सम्राट चौधरी ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पंचायत स्तर पर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जाए और “क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म” से किसी तरह का समझौता नहीं होगा।

अधिवेशन भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला और समीक्षा बैठक में सभी जिलों के डीएम और एसपी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून का राज कायम रखना और उसका लाभ आम जनता तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका त्वरित समाधान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तभी दिखेगा जब योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा “पुलिस दीदी” जैसी पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।

नीतीश कुमार द्वारा लागू शराबबंदी कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके सख्त क्रियान्वयन के लिए अवैध कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल या संरक्षण देने वाले अधिकारियों की पहचान कर उन पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने, जमीन चिह्नित कर निवेश को बढ़ावा देने और 20 नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए। 1 जुलाई तक सभी जिला अस्पतालों और 15 अगस्त तक अनुमंडल अस्पतालों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही हो सके।

शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने नेतरहाट और सिमुलतला विद्यालय की तर्ज पर सभी 533 प्रखंडों में मॉडल स्कूल विकसित करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश में पारदर्शी और सुलभ प्रशासन की दिशा में कई सुधार किए गए हैं, जिनका लाभ बिहार को भी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अपराध की घटनाओं में दोषियों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की जाए और 12-13 दिनों के अंदर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो, ताकि कानून का भय कायम रहे।

अंत में उन्होंने कहा कि बिहार की जनता की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम करें, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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