पटना : बिहार में डिप्लोमा इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज पटना (गुलजारबाग) को प्रमुख संस्थानों में गिना जाता है। वर्ष 1954 में स्थापित यह संस्थान राज्य के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शामिल है। यह बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन संचालित होता है तथा स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (SBTE), बिहार से संबद्ध और AICTE से मान्यता प्राप्त है।
इन इंजीनियरिंग ब्रांचों में मिलती है पढ़ाई
कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और सेरामिक इंजीनियरिंग समेत कई डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। यहां तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर भी विशेष जोर दिया जाता है।
DCECE के जरिए मिलता है प्रवेश
सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज पटना में दाखिला बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) द्वारा आयोजित डिप्लोमा सर्टिफिकेट प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा (DCECE) के माध्यम से होता है। परीक्षा में प्राप्त रैंक के आधार पर काउंसलिंग के जरिए सीट आवंटित की जाती है। लेटरल एंट्री के माध्यम से भी निर्धारित नियमों के तहत प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है परिसर
संस्थान में छात्रों के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, वर्कशॉप, कंप्यूटर लैब, खेल सुविधाएं और छात्रावास जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर प्रयोगशालाओं और अन्य संसाधनों का भी विस्तार किया जाता है।
प्लेसमेंट और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस
कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से ट्रेनिंग, सेमिनार और प्लेसमेंट गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, ताकि छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
क्यों है छात्रों की पहली पसंद?
सरकारी फीस, अनुभवी शिक्षकों, गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, लंबे शैक्षणिक अनुभव और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज पटना हर साल बड़ी संख्या में छात्रों की पहली पसंद बना रहता है। यही कारण है कि बिहार में डिप्लोमा इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्र इस संस्थान में प्रवेश पाने का लक्ष्य रखते हैं।