पटना : NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बीच जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की जेल से रिहाई के बाद कुछ छात्र प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई है। छात्रों का कहना है कि यदि तेज प्रताप यादव को जमानत मिल सकती है, तो आंदोलन के दौरान गिरफ्तार अन्य छात्रों को भी जल्द रिहा किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि इस मामले में समान व्यवहार नहीं किया जा रहा।
“वीआईपी कल्चर नहीं चलेगा” – छात्रों की प्रतिक्रिया
प्रदर्शन में शामिल कुछ छात्रों ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उनका कहना था कि केवल राजनीतिक नेताओं को राहत मिलना उचित नहीं है, जबकि कई छात्र अब भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। छात्रों ने मांग की कि जिन विद्यार्थियों को आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया गया था, उनके मामलों की भी जल्द सुनवाई हो और उन्हें न्याय मिले।
क्या है पूरा मामला?
25 जुलाई को NEET पेपर लीक और परीक्षा विवाद को लेकर बिहार में विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदर्शन और बिहार बंद का आह्वान किया था। पटना समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने कई छात्रों के साथ-साथ तेज प्रताप यादव के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
तेज प्रताप यादव को मिली जमानत
दो दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद अदालत से जमानत मिलने पर तेज प्रताप यादव बेउर जेल से रिहा हो गए। उनकी रिहाई के बाद समर्थकों ने इसका स्वागत किया, जबकि कुछ छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए कि अन्य गिरफ्तार छात्रों को अब तक राहत क्यों नहीं मिली।
तेजस्वी यादव पहले भी उठा चुके हैं छात्रों का मुद्दा
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव पहले भी छात्र प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी का विरोध कर चुके हैं। उन्होंने सरकार से गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा करने की मांग की थी। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
विवाद क्यों बढ़ा?
NEET पेपर लीक विवाद के बाद बिहार समेत कई राज्यों में छात्रों का आंदोलन तेज हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसी आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों को लेकर लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। तेज प्रताप यादव की रिहाई के बाद अब यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
आगे क्या?
छात्र संगठन अब भी गिरफ्तार छात्रों को राहत देने की मांग पर कायम हैं। दूसरी ओर, मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है। सरकार और पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है, जबकि छात्र संगठन और विपक्ष समान न्याय की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अदालत और सरकार के अगले कदमों पर सभी की नजर रहेगी।v