पटना :राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि उनके बड़े भाई और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को अदालत से जमानत मिल गई है। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शुरुआत से ही कार्रवाई कानून के दायरे में नहीं की गई।
तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा था विवाद
तेज प्रताप यादव को NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उन पर प्रदर्शनकारियों को उकसाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, हिंसा और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया था।
जमानत को लेकर तेजस्वी यादव का बयान
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके बड़े भाई को आखिरकार अदालत से राहत मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेज प्रताप यादव के खिलाफ की गई कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित थी। तेजस्वी ने पहले भी सरकार से छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग की थी।
वकील ने भी उठाए थे कानूनी प्रक्रिया पर सवाल
इस मामले में तेज प्रताप यादव की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता निशा सिंह ने अदालत में दलील दी थी कि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि पहले गिरफ्तारी की गई और बाद में एफआईआर दर्ज हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि गंभीर धाराएं बिना पर्याप्त आधार के लगाई गईं। बचाव पक्ष ने तेज प्रताप यादव की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी हवाला दिया था।
क्या है पूरा मामला?
25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान NEET पेपर लीक विवाद को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन हुए थे। पटना सहित कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस का आरोप है कि हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की घटनाओं में कई लोगों की भूमिका रही, जिनमें तेज प्रताप यादव का नाम भी शामिल किया गया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
आगे क्या होगा?
जमानत मिलने के बाद तेज प्रताप यादव जेल से बाहर आ गए हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। तेजस्वी यादव लगातार सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगा रहे हैं, जबकि सरकार और पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून के अनुसार की गई है। आने वाले दिनों में मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और जांच जारी रहेगी।