पटना : श्रावणी मेला 2026 के दौरान भागलपुर के सुल्तानगंज में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार चरम पर है। तेज धूप और बीच-बीच में हो रही बारिश के बावजूद एक लाख से अधिक कांवरियों ने उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए अपनी यात्रा शुरू की। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकीं।
सुल्तानगंज में दिनभर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावणी मेले के दौरान सुल्तानगंज के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही कांवरियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान किया और जल भरने के बाद “बोल बम” के जयघोष के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर पैदल यात्रा शुरू की। प्रशासन के अनुसार, पूरे दिन श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही।
धूप और बारिश के बीच जारी रही यात्रा
कभी तेज धूप तो कभी बारिश होने के बावजूद कांवरियों की यात्रा बिना रुके जारी रही। श्रद्धालुओं ने बताया कि मौसम उनके उत्साह को कम नहीं कर सकता और वे हर वर्ष की तरह इस बार भी पूरी श्रद्धा के साथ बाबा धाम की यात्रा कर रहे हैं। कई श्रद्धालु परिवार और समूह के रूप में यात्रा पर निकले, जबकि बड़ी संख्या में डाक बम और सामान्य कांवरिए भी मार्ग पर दिखाई दिए।
प्रशासन ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सुल्तानगंज से देवघर कांवरिया पथ पर विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी और आपदा राहत दल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था भी की गई है।
कांवरिया पथ पर मिल रही हैं आवश्यक सुविधाएं
प्रशासन की ओर से कांवरिया पथ पर कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें—
- पेयजल की व्यवस्था
- प्राथमिक चिकित्सा केंद्र
- एंबुलेंस सेवा
- सुरक्षा बलों की तैनाती
- सहायता एवं सूचना केंद्र
- साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।
क्यों खास है सुल्तानगंज से बाबा धाम की यात्रा
सुल्तानगंज देश का एकमात्र ऐसा प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है, जहां गंगा उत्तरवाहिनी होकर बहती है। श्रद्धालु यहां से गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करते हैं और देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यही वजह है कि हर वर्ष श्रावण मास में लाखों श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल होते हैं।
आगे भी बढ़ने की उम्मीद है श्रद्धालुओं की संख्या
श्रावण मास के आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग का पालन करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।