नई दिल्ली: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में राम मंदिर को मिले दान और उससे जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी दी।
पप्पू यादव ने क्या कहा?
प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना था कि इस पूरे मामले में पारदर्शिता होनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर जुटाई गई राशि का सही उपयोग होना चाहिए और जनता के सामने पूरी जानकारी रखी जानी चाहिए।
संसद परिसर में किया प्रदर्शन
संसद के बाहर प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने मांग की कि सरकार इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करे और यदि आवश्यक हो तो स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। उनके प्रदर्शन के दौरान मीडिया का भी खासा ध्यान इस मुद्दे पर रहा।
राहुल गांधी से की मुलाकात
प्रदर्शन के बाद पप्पू यादव ने राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर दान से जुड़े मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और विपक्ष की ओर से इस मामले को प्रमुखता से उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच संसद के अंदर और बाहर विपक्ष की रणनीति को लेकर भी बातचीत हुई।
सरकार पर साधा निशाना
पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के विश्वास से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों को राजनीति से ऊपर रखते हुए जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
राम मंदिर दान को लेकर उठे इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की ओर से भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि किसी तरह की शिकायत सामने आई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि लोगों के मन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
अहम है यह मामला
राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर निर्माण और दान से जुड़े किसी भी मुद्दे पर उठने वाले सवाल राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यही कारण है कि यह मामला संसद तक पहुंच गया है और विपक्ष इसे लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है।
आगे क्या होगा?
अब निगाहें इस बात पर हैं कि केंद्र सरकार और संबंधित पक्ष इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को संसद में आगे भी उठाने की तैयारी में है। यदि मामले में कोई आधिकारिक जांच या स्पष्टीकरण आता है तो उसके बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।