Former Bihar Governor Dr. D. Y. Patil Passes Away: पूर्व बिहार राज्यपाल और पद्मश्री डॉ. डी. वाई. पाटिल का निधन, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक

Former Bihar Governor Dr. D. Y. Patil Passes Away: Former Bihar Governor and Padma Shri awardee Dr. D. Y. Patil has passed away; the Governor and Chief Minister have expressed their condolences

पटना: पूर्व बिहार के राज्यपाल, प्रख्यात शिक्षाविद और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत डॉ. डी. वाई. पाटिल (डॉ. दत्तात्रेय यशवंतराव पाटिल / Dnyandeo Yashwantrao Patil) का मंगलवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन से शिक्षा जगत, सामाजिक क्षेत्र और सार्वजनिक जीवन में शोक की लहर दौड़ गई। वे 90 वर्ष के थे।

बिहार के राज्यपाल रहते हुए निभाई अहम जिम्मेदारी

डॉ. डी. वाई. पाटिल ने 22 मार्च 2013 से 26 नवंबर 2014 तक बिहार के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का दायित्व भी संभाला। सार्वजनिक जीवन के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया।

राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने जताया शोक

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. पाटिल ने राज्यपाल के रूप में बिहार की गरिमा बढ़ाई और शिक्षा व समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. पाटिल ने शिक्षा, समाज सेवा और सार्वजनिक जीवन में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। मुख्यमंत्री ने उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन पर शोक जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनका योगदान देश हमेशा याद रखेगा। केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के कई नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके कार्यों को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताया।

शिक्षा के क्षेत्र में खड़ी की विशाल पहचान

डॉ. डी. वाई. पाटिल को देश के अग्रणी शिक्षाविदों में गिना जाता था। उन्होंने डी. वाई. पाटिल ग्रुप की स्थापना की, जिसके अंतर्गत देशभर में मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, डेंटल, नर्सिंग और अन्य उच्च शिक्षण संस्थान संचालित होते हैं। उनके प्रयासों से लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला।

पद्मश्री से हो चुके थे सम्मानित

शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने डॉ. डी. वाई. पाटिल को पद्मश्री से सम्मानित किया था। वे शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण संस्थानों की स्थापना के लिए जाने जाते थे।

देशभर में शोक की लहर

डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन पर शिक्षा जगत, राजनीतिक क्षेत्र और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके निधन को शिक्षा और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। उनके कार्य और योगदान लंबे समय तक देश को प्रेरित करते रहेंगे।

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