पटना: पटना नगर निगम में चल रही सफाईकर्मियों की हड़ताल के बीच बुधवार को आयोजित निगम की विशेष बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में सफाईकर्मियों की तीन प्रमुख मांगों को समर्थन देने पर सहमति बनी। नगर निगम ने इन मांगों से जुड़े प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद लंबे समय से जारी हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद बढ़ गई है।
किन मांगों पर बनी सहमति?
नगर निगम की बैठक में कर्मचारियों की जिन प्रमुख मांगों को स्वीकार किया गया, उनमें लंबे समय से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के हितों से जुड़े मुद्दे, सेवा संबंधी सुविधाओं में सुधार और अन्य लंबित मांगों पर सकारात्मक रुख शामिल है। इन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी के लिए बिहार सरकार के पास भेजा जाएगा, क्योंकि इनमें से कई विषय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
पहले से तीन सूत्री मांगों पर आंदोलन कर रहे थे कर्मचारी
पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति काफी समय से तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रही थी। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत दैनिक मजदूरों का समायोजन, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करना तथा एसीपी-एमएसीपी योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और बकाया राशि का भुगतान शामिल है। इन मांगों को लेकर कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन के बाद 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी।
शहर की सफाई व्यवस्था हुई थी प्रभावित
सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण पटना के अधिकांश इलाकों में कचरा उठाव और सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के मौसम में हालात और गंभीर हो गए थे। नगर निगम ने अस्थायी कर्मचारियों और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की।
सरकार को भेजे जाएंगे प्रस्ताव
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बैठक में पारित प्रस्तावों को राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही संबंधित मांगों पर अंतिम निर्णय लागू हो सकेगा। नगर निगम का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल की जा रही है।
हड़ताल समाप्त होने की बढ़ी संभावना
नगर निगम की ओर से मांगों को समर्थन मिलने के बाद कर्मचारी संगठनों में भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। माना जा रहा है कि यदि सरकार भी प्रस्तावों पर जल्द निर्णय लेती है, तो सफाईकर्मियों की हड़ताल समाप्त हो सकती है और राजधानी पटना में सफाई व्यवस्था पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।