कांग्रेस के पूर्व नेता आचार्य प्रमोद ने गंगोत्री धाम मुद्दे पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की टिप्पणियों पर तीखा पलटवार किया है। आचार्य प्रमोद ने कहा कि हरीश रावत को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करने के बजाय कांग्रेस की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। सोमवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, “हरीश रावत को भाजपा की बजाय पहले कांग्रेस की चिंता करनी चाहिए और कांग्रेस कार्यकारी समिति की बैठक बुलाकर राहुल गांधी को हटाने का प्रस्ताव रखना चाहिए।”
आचार्य प्रमोद की यह प्रतिक्रिया हरीश रावत द्वारा श्री गंगोत्री मंदिर समिति के उस फैसले की आलोचना के बाद आई है, जिसमें उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। रावत ने इस फैसले को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि पार्टी नए-नए एजेंडे गढ़ रही है, क्योंकि उसके चुनावी एजेंडे में अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
हरीश रावत ने कहा था कि दुनिया भर के धर्म लोगों को अपने पूजा स्थलों की ओर आकर्षित करते हैं, न कि उन्हें रोकते हैं। उन्होंने कहा, “इस पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है क्योंकि यह भाजपा का अपना एजेंडा है। दुनिया भर के धर्म लोगों को अपने पूजा स्थलों की ओर आकर्षित करते हैं ताकि धर्म की महानता और गुणों को अन्य लोग स्वीकार कर सकें। अब एक नई परंपरा शुरू हो गई है। शायद उनके चुनावी एजेंडे में कोई मुद्दा बचा ही नहीं है, इसलिए नए एजेंडे गढ़े जा रहे हैं।”
गौरतलब है कि रविवार को श्री गंगोत्री मंदिर समिति ने गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया, जिसके बाद देशभर में इस मुद्दे पर बहस शुरू हो गई। इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्राचीन धार्मिक स्थलों से जुड़े कानूनों की समीक्षा करते समय सभी हितधारकों की राय को ध्यान में रखेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ये सभी धार्मिक स्थल हमारे प्राचीन पूजा स्थल हैं। ऐसे में इन स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं, इनके प्रबंधन से जुड़े लोगों, धार्मिक संगठनों, तीर्थयात्रा समितियों, गंगा सभा, केदार सभा, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, संत समाज और सभी संबंधित पक्षों के विचारों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।”