Bihar Cabinet Decisions: 22 हजार आंगनबाड़ी पदों पर होगी भर्ती, बंद चीनी मिलें फिर चलेंगी, जमुई में बनेंगे दो नए पुल

Bihar Cabinet Decisions: Recruitment for 22,000 Anganwadi posts; closed sugar mills to restart operations; two new bridges to be built in Jamui

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में महिला रोजगार, कृषि, उद्योग, सड़क, पेयजल और आधारभूत संरचना से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की बहाली, बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने, जमुई में दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण और कई विकास योजनाओं को मंजूरी दी।

22 हजार आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की होगी भर्ती

कैबिनेट ने समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) के तहत राज्य में करीब 22 हजार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आंगनबाड़ी सेवाएं मजबूत होंगी और बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि रिक्त पदों में सेविका और सहायिका दोनों श्रेणियां शामिल हैं।

रैयाम और सकरी की बंद चीनी मिलें होंगी पुनर्जीवित

कैबिनेट ने दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित बंद पड़े चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में गन्ने से चीनी के साथ-साथ बाय-प्रोडक्ट आधारित उद्योग भी विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे गन्ना किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेगा और मिथिलांचल के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

जमुई में दो नए आरसीसी पुलों के निर्माण को मंजूरी

पथ निर्माण विभाग की ओर से NH-333A पर जमुई जिले में दो उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

  • पहला पुल खैरा–सोनो मार्ग के 72वें किलोमीटर पर नरियाना घाट (क्यूल नदी) पर बनाया जाएगा।
  • दूसरा पुल इसी मार्ग के 80वें किलोमीटर पर मंगोबंदर–सुकनर नदी पर बनेगा।

सरकार का कहना है कि इन पुलों के बनने से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा और व्यापार व आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।

अमृत 2.0 के तहत जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत लखीसराय और किशनगंज की पेयजल परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है और शहरी आधारभूत संरचना को भी मजबूती मिलेगी।

सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना को भी मिली स्वीकृति

राज्य सरकार ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के लिए भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत वेजफेड की त्रिस्तरीय सहकारी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। साथ ही प्रखंड स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित करने, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने और सब्जियों के सुरक्षित परिवहन के लिए रीफर वाहनों की व्यवस्था की जाएगी।

क्यों अहम हैं कैबिनेट के ये फैसले?

सम्राट चौधरी सरकार के इन फैसलों का सीधा असर महिलाओं, किसानों, युवाओं और आम लोगों पर पड़ने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी भर्ती से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बंद चीनी मिलों के पुनर्जीवन से गन्ना किसानों और स्थानीय उद्योग को लाभ मिलेगा, जबकि पुल और पेयजल परियोजनाएं बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

आगे क्या होगा?

कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभाग अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। भर्ती से संबंधित विस्तृत अधिसूचना, परियोजनाओं की प्रशासनिक कार्रवाई और निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द आम लोगों तक पहुंचे।

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