नई दिल्ली: दिल्ली में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां जोरों पर हैं। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी ने इस बार कई मौजूदा विधायकों का टिकट काटा है, जिनमें से एक नाम है दिल्ली की हरि नगर विधानसभा सीट की मौजूदा विधायक राजकुमारी ढिल्लो का। टिकट कटने से नाराज राजकुमारी ढिल्लो ने अरविंद केजरीवाल को ‘धोखेबाज’ करार देते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने रोते हुए कहा कि केजरीवाल ने उनसे वादा किया था कि उन्हें विधानसभा चुनाव में टिकट मिलेगा, लेकिन उनके साथ दगाबाजी हुई। इस फैसले के बाद, राजकुमारी ढिल्लो ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है।
पार्टी ने किया अपमान
राजकुमारी ढिल्लो ने न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में कहा, “मेरे क्षेत्र की जनता रो रही है, मेरे साथ धोखा हुआ है। पार्टी ने मेरा अपमान किया है। मैंने हमेशा अपनी जनता की सेवा की, लेकिन आज मुझे टिकट नहीं दिया गया। मैंने कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की। मैंने सड़कें बनवाईं, लोगों को खाने-पीने और दवाइयों की व्यवस्था की, लेकिन इसके बावजूद मुझे टिकट नहीं मिला।”
उन्होंने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दो महीने पहले उन्हें अपने घर बुलाकर चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, “अगर मुझे टिकट नहीं देना था, तो आप नहीं देते, लेकिन जिस दिन मैं नॉमिनेशन फाइल करने जा रही थी और मेरे क्षेत्र की जनता मेरे साथ थी, उसी दिन मेरा टिकट काट दिया गया। मैं पूछना चाहती हूं कि ऐसा क्यों किया गया?”
केजरीवाल पर गंभीर आरोप
राजकुमारी ढिल्लो ने कहा कि जब वह लोगों से मिलती थीं, तो हमेशा यही कहा जाता था कि उनके काम के आधार पर ही उन्हें वोट मिलेगा। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्हें संदीप पाठक से फोन आया और बताया गया कि उनका टिकट काट दिया गया। उन्होंने कहा, “यह सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई।”
उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए सवाल किया, “केजरीवाल करोड़ों रुपये लेकर टिकट क्यों बेच रहे हैं? इस सवाल का जवाब उन्हें देना चाहिए।”
निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन
राजकुमारी ढिल्लो ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया और इस संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा, “सीता रोई थी तो लंका जलकर भस्म हो गई, द्रौपदी रोई थी तो कौरवों का नाश हो गया। आज हरी नगर की बुआ रो रही है, और अब तुम्हारा भी नाश तय है, केजरीवाल! ऐन मौके पर मेरी टिकट काटकर केजरीवाल सरकार ने न केवल मेरे साथ, बल्कि हरी नगर विधानसभा की पूरी जनता के साथ विश्वासघात किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ मेरी नहीं, हर उस महिला की लड़ाई है, जिसे भ्रष्ट राजनीति के चलते अपमान सहना पड़ता है। हरी नगर विधानसभा वासियों के आदेश का सम्मान करते हुए, मैंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। अब जनता ही निर्णय लेगी।”
राजकुमारी ढिल्लो ने अपनी लड़ाई को जनता से जोड़ते हुए कहा, “काम की पहचान है, राजकुमारी ढिल्लो नाम है। अब फैसला जनता के हाथों में है।”