मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिविल सर्जन ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी हाल में बाधित नहीं होनी चाहिए।
नाव से मरीजों तक पहुंचेगी मेडिकल टीम
स्वास्थ्य विभाग ने फैसला लिया है कि जिन गांवों का सड़क संपर्क बाढ़ के कारण टूट जाएगा, वहां मेडिकल टीम नाव के जरिए पहुंचेगी। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों का मौके पर इलाज करेंगे और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे स्वास्थ्य शिविर
विभाग ने सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इन शिविरों में लोगों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था रहेगी। साथ ही लोगों को जलजनित और संक्रामक बीमारियों से बचाव के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
डेंगू, मलेरिया और जलजनित रोगों की रोकथाम पर जोर
सिविल सर्जन ने जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित एंटी-लार्वा दवा के छिड़काव, साफ-सफाई और पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाओं का स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य बाढ़ के बाद फैलने वाली डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य जलजनित बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण करना है।
समझिए, क्यों जरूरी है यह व्यवस्था?
बाढ़ के दौरान कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह कट जाता है, जिससे मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे में मेडिकल टीम का नाव से गांवों तक पहुंचना लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है। इससे बीमार और बुजुर्ग मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम होगा।
एंबुलेंस और दवाओं की भी रहेगी पूरी व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीम, एंबुलेंस सेवा और जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बाढ़ का पानी घटने के बाद संक्रमण फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया जाएगा।