बैंकॉक/अहमदाबाद: हाल ही में हुए एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के हादसे में एकमात्र जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश की कहानी ने 1998 के थाई एयरवेज हादसे के एकमात्र जीवित बचे अभिनेता रुआंगसाक लॉयचूसक को झकझोर कर रख दिया। इन दोनों हादसों में एक चौंकाने वाला संयोग सामने आया है – दोनों यात्री विमान में एक ही सीट नंबर 11A पर बैठे थे।
चौंकाने वाला संयोग: सीट 11A
1998 में, जब रुआंगसाक केवल 20 वर्ष के थे, तब थाई एयरवेज की उड़ान TG261 थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 101 लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन रुआंगसाक चमत्कारिक रूप से बच गए थे। अब 47 वर्षीय यह अभिनेता और गायक जब एयर इंडिया हादसे की खबर पढ़ रहे थे, तो जैसे ही उन्होंने सीट नंबर 11A का ज़िक्र देखा, उनके रोंगटे खड़े हो गए।
उन्होंने कहा, “जब मुझे यह समानता पता चली, तो मेरे शरीर में सिहरन दौड़ गई। ऐसा लगा मानो समय ने खुद को दोहराया हो।”
रुआंगसाक ने विश्वास कुमार के प्रति गहरी संवेदना और सम्मान व्यक्त किया है।
एयर इंडिया हादसा: एक और चमत्कार
हाल ही में अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद हुए एयर इंडिया हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई, लेकिन विश्वास कुमार रमेश, जो सीट 11A पर बैठे थे और आपातकालीन निकास द्वार के पास थे, अद्भुत तरीके से बच निकले। न केवल वे जीवित बचे, बल्कि उन्होंने खुद मलबे से बाहर निकलकर जान बचाई।
दुख और चमत्कार का मिलन
इन दोनों हादसों के बीच यह रहस्यमयी समानता—सीट नंबर 11A और एकमात्र जीवित यात्री—ने एक अद्भुत और भावुक कड़ी बना दी है। यह संयोग महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि दर्द, चमत्कार और जीवन की अदम्य जिजीविषा की कहानी बन गया है।
इस रहस्य ने विमानन जगत को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या कभी-कभी संयोग भी नियति बन जाते हैं?