NEET Protest FIR: रूस में पढ़ाई कर रहे छात्र का बड़ा दावा, कहा- चार महीने से भारत नहीं आया, फिर भी FIR में नाम

NEET Protest FIR: Student studying in Russia makes a major claim—says he hasn't visited India in four months, yet his name appears in the FIR

पटना: NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए छात्र आंदोलन के बाद दर्ज की गई एफआईआर पर अब नए सवाल खड़े हो गए हैं। बिहार के किशनगंज जिले के रहने वाले छात्र मोहम्मद सदाकत कोनन राही ने दावा किया है कि उनका नाम पुलिस की एफआईआर में शामिल किया गया है, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। छात्र ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वीडियो जारी कर बताया पूरा घटनाक्रम

मोहम्मद सदाकत कोनन राही ने वीडियो संदेश में कहा कि वे पिछले चार महीने से रूस में हैं और मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिस दिन पटना में छात्र आंदोलन हुआ, उस दिन भी वे भारत में मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद उनका नाम एफआईआर में दर्ज कर दिया गया। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है।

पासपोर्ट और यात्रा रिकॉर्ड की जांच की मांग

छात्र ने कहा कि उनके पासपोर्ट, वीजा, इमिग्रेशन रिकॉर्ड और यात्रा संबंधी दस्तावेज यह साबित कर सकते हैं कि वे घटना के समय भारत में नहीं थे। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इन दस्तावेजों की जांच कर उनका नाम एफआईआर से हटाया जाए और गलत तरीके से कार्रवाई करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाए। (prabhatkhabar.com)

क्या है पूरा मामला?

NEET पेपर लीक विवाद को लेकर बिहार में छात्रों ने व्यापक प्रदर्शन किया था। पटना समेत कई स्थानों पर हुए आंदोलन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद पुलिस ने कई छात्रों, छात्र नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसी एफआईआर में मोहम्मद सदाकत कोनन राही का नाम भी शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

पहले भी उठ चुके हैं FIR पर सवाल

छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में पहले भी कई पक्षों ने एफआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कुछ छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया था कि कई लोगों के नाम बिना पर्याप्त जांच के शामिल किए गए हैं। अब रूस में रह रहे छात्र का सामने आया वीडियो इस विवाद को और बढ़ा सकता है। (prabhatkhabar.com)

क्यों महत्वपूर्ण है यह दावा?

यदि जांच में यह साबित होता है कि संबंधित छात्र घटना के समय भारत में मौजूद नहीं था, तो एफआईआर की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस जांच की पारदर्शिता और सटीकता को लेकर भी बहस तेज हो सकती है। वहीं दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि या खंडन अभी सामने नहीं आया है।

आगे क्या होगा?

मोहम्मद सदाकत कोनन राही ने मामले की निष्पक्ष जांच और अपना नाम एफआईआर से हटाने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि पुलिस उनके दावों की जांच के लिए पासपोर्ट, इमिग्रेशन और अन्य रिकॉर्ड की पड़ताल करती है या नहीं। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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