समय रहते अगर सतर्क नहीं होती विभाग तो घट सकती थी बड़ी घटना।
विभाग के सक्रियता के कारण समय से हुआ कैमरा बरामद
- हाजीपुर वैशाली से विक्रम कुमार की रिपोर्ट
हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर सराय स्टेशन के पास ढाला संख्या-43 सी पर बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। यहां रेलवे के सिग्नल टावर पर लगा हाई-टेक IP कैमरा बरामद किया गया है, जिसके तार कर्नाटक के रास्ते सीधे पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
एक संदिग्ध युवक हरियाणवी लहजे में बात करते हुए खुद को NGO सदस्य बताकर सिग्नल टावर पर कैमरा लगा गया। गुमटीमैन को शक होने पर उसने स्टेशन मास्टर मनोज कुमार को सूचना दी। RPF-GRP ने तुरंत कैमरा उतरवाया। जांच में कैमरे से आतंकी यासीन भटकल की तस्वीर भी मिली है।
कैमरे की खासियत:
– सौर ऊर्जा व 4G सिम से संचालित
– ‘मूवेबल’ कैमरा, कर्नाटक से मोबाइल द्वारा कंट्रोल
– रात में भी क्लियर रिकॉर्डिंग में सक्षम
– 1 घंटे की फुटेज में रेलवे ट्रैक व सड़क की गतिविधियां कैद
– IP एड्रेस पाक समर्थित आतंकी संगठनों से जुड़ा
बड़ी साजिश की आशंका:
जांच एजेंसियों को शक है कि इसका इस्तेमाल VIP मूवमेंट की रेकी, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने या बड़े आतंकी हमले के लिए किया जा रहा था।
एक्शन में एजेंसियां:
शुक्रवार देर शाम ATS की 3 सदस्यीय टीम और STF मौके पर पहुंची। RPF IG अमरेश कुमार और रेल SP बीणा कुमारी को जानकारी दी गई। रेल DSP सोनपुर सहकार खान के नेतृत्व में GRP साक्ष्य जुटा रही है।
सराय स्टेशन मास्टर के बयान पर FIR दर्ज कर ली गई है। हाजीपुर व मुजफ्फरपुर GRP की टीमें जांच में जुटी हैं। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सिम कार्ड व IP एड्रेस का डेटा एनालिसिस कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश जारी है।