मक्के के उत्पादन की कमी की आड़ में Non-जीएम मक्के को प्रचारित करने का काला सच

Maize agriculture getting entangled in the web of GM maize, leaving behind the secure future of non-GM maize

डॉ. ममता मयी प्रियदर्शिनी भारत की परंपरागत कृषि सदियों से जैव विविधता और सतत खेती के मूल्यों पर आधारित रही है। देश के प्रमुख खाद्यान्नों में मक्का  का विशेष स्थान है। आज मक्के की आसमान छूती कीमतें, जैविक ईंधन के लिए मक्के की उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की भारत सरकार की निरंतर कोशिश ने मक्के की फसल को आज अत्यंत आकर्षक फसल बना दिया है| भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने मक्के की जलवायु-लचीली फसलों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…

Read More