भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की कार्यप्रणाली को लेकर एक अहम फैसला लिया है। उन्होंने साफ किया कि लीगल इमरजेंसी की स्थिति में कोई भी नागरिक किसी भी समय, यहां तक कि आधी रात को भी, अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। CJI सूर्यकांत के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को जांच एजेंसियों द्वारा गिरफ्तारी की आशंका हो और उसके मौलिक अधिकारों पर तत्काल खतरा मंडरा रहा हो, तो अदालतें समय की सीमाओं से परे जाकर सुनवाई कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास…
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