लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मंगलवार (18 फरवरी) से विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत होने जा रही है। पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सदन को संबोधित करेंगी। इसके बाद, गुरुवार (20 फरवरी) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार अपना नौवां बजट पेश करेगी।
इस बीच, विपक्ष ने योगी आदित्यनाथ की सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। विपक्षी दल सरकार से मिल्कीपुर उपचुनाव, कुंभ हादसे, संभल हिंसा और जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने का मन बना चुके हैं। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष सख्त सवाल उठाएगा और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करेगा।
जहां एक तरफ विपक्षी दल यूपी सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे, वहीं दूसरी ओर योगी सरकार भी तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी और सहयोगी दलों के सभी विधायकों से सदन में उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि विपक्षी दलों के हमलों का सही तरीके से जवाब दिया जा सके।
CM योगी का बयान – ‘विपक्ष को संतोषजनक जवाब दिया जाए’
बजट सत्र को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों से कहा है कि विपक्ष या सदन के किसी भी सदस्य के पूछे गए सवालों का संतोषजनक और सकारात्मक जवाब दिया जाए। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने भी मंत्रियों और विधायकों से संयमित, तार्किक और गरिमापूर्ण जवाब देने की सलाह दी है।
‘सदन में केवल जनहित के मुद्दों पर चर्चा हो’ – CM योगी
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं और नीतियों का खाका प्रस्तुत करती है। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से अनुरोध किया कि वे सदन में शालीनता और संसदीय मर्यादा बनाए रखते हुए सकारात्मक चर्चा करें। सभी दलों के नेताओं ने सदन के संचालन में सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है।
(स्रोत – IANS)