पश्चिम बंगाल में 7वें वेतन आयोग को मंजूरी, कर्मचारियों की सैलरी में होगा बड़ा इजाफा

7th Pay Commission Approved in West Bengal; Employees' Salaries to See a Major Hike

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की नई सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए 7वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की अध्यक्षता में हुई नई सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक में इस अहम प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। माना जा रहा है कि इस फैसले से राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को आने वाले समय में बड़ा लाभ मिलेगा।

दरअसल, विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग लागू करने का वादा किया था। सरकार के इस फैसले को उसी वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि बैठक में महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार डीए बढ़ोतरी का भी ऐलान करेगी, लेकिन फिलहाल इस पर निर्णय टाल दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, 7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों की मासिक सैलरी में करीब 10 से 12 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अंतिम वेतन वृद्धि आयोग की सिफारिशों और फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को बढ़े हुए एचआरए और अन्य भत्तों का लाभ मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अभी तक कर्मचारियों को 6वें वेतन आयोग के तहत वेतन दिया जा रहा था, जबकि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 7वां वेतन आयोग पहले से लागू है। इसी वजह से बंगाल के कर्मचारियों को अन्य राज्यों की तुलना में कम वेतन और भत्ते मिल रहे थे।

इधर केंद्र सरकार भी 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ा चुकी है। केंद्र द्वारा गठित आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विभागों से लगातार सुझाव ले रहा है। ऐसे में आने वाले वर्षों में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में भी बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

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