आजकल के दौर में कपल्स के लिए बच्चा कंसीव करना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। समाज में इंफर्टिलिटी के मामले बढ़ते जा रहे हैं, और यही वजह है कि कई देशों की सरकारें शादी करने और बच्चा पैदा करने पर आर्थिक मदद भी देती हैं। इसके बावजूद, बहुत से लोग इस प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसके पीछे आज की जीवनशैली और मानसिकता का बड़ा हाथ है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों आजकल कपल्स को बच्चा कंसीव करने में मुश्किलें आ रही हैं।
इंफर्टिलिटी बढ़ने के कारण
बच्चा कंसीव करने में देरी या कंसीव ना कर पाने के कई कारण हो सकते हैं, जो हमारे जीवनचर्या और मानसिक स्थिति पर निर्भर करते हैं। आइए जानते हैं इसके प्रमुख कारण:
1. सही समय पर शादी ना होना
समाजिक दृष्टिकोण से शादी के बाद ही बच्चा प्लान किया जाता है। मगर आजकल करियर की प्राथमिकता और सही पार्टनर की तलाश के कारण लोग काफी देर से शादी करते हैं। महिलाओं में सबसे ज्यादा फर्टिलिटी 20-27 साल के बीच होती है, लेकिन अब महिलाएं 30 के बाद शादी करती हैं, और फिर बच्चा प्लान करने में और भी देरी हो जाती है। इस देरी से ओवरी की क्षमता कमजोर होने लगती है, जिससे बच्चा कंसीव करने में दिक्कत आती है।
2. धूम्रपान की आदत
धूम्रपान महिलाओं और पुरुषों दोनों की फर्टिलिटी पर नकारात्मक असर डालता है। यह स्पर्म और ओवरी की क्षमता को कमजोर कर देता है। धूम्रपान से पैदा होने वाले बच्चे कमजोर और कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं, और कई महिलाएं अत्यधिक धूम्रपान के कारण बच्चा कंसीव नहीं कर पातीं।
3. अनहेल्दी डाइट
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग हेल्दी खाना खाने के बजाय बाहर का जंक फूड खाते हैं, जिससे शरीर में इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ जाता है। इसका सीधा असर इंफर्टिलिटी पर पड़ता है और यह फर्टिलिटी की समस्याओं को बढ़ावा देता है।
4. नींद की कमी
सोशल मीडिया और अनलिमिटेड स्क्रीन टाइम के चलते अधिकांश लोग अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते हैं। अच्छी नींद के लिए कम से कम 7-8 घंटे सोना जरूरी है। नींद की कमी का असर सीधा फर्टिलिटी पर पड़ता है, और यह कंसीव करने में मुश्किल पैदा कर सकता है।
5. लिबिडो की कमी
लिबिडो का मतलब है सेक्स के प्रति इच्छा। जब कोई व्यक्ति ज्यादा तनाव में रहता है, तो उसका असर उसकी फर्टिलिटी पर पड़ता है। तनाव से मानसिक स्थिति प्रभावित होती है, जिससे व्यक्ति की पर्सनल लाइफ और पार्टनर के साथ रिश्ते में खटास आ सकती है, और यह गर्भाधारण में दिक्कत पैदा कर सकता है।
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।