सोशल मीडिया से लेकर खबरों की सुर्खियों तक, हर जगह एक ही नाम नीलम शिंदे को लेकर चर्चा हो रही है, जिनकी मदद के लिए पूरा भारत एकजुट हो गया है। अमेरिका में भीषण कार एक्सीडेंट का शिकार हुईं नीलम शिंदे अब विदेशी जमीन पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। उनकी मदद के लिए हर कोई मोदी सरकार से गुहार लगा रहा है। अमेरिका के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती भारत की बेटी नीलम शिंदे को गंभीर चोटें आई हैं, और उनका परिवार जल्द से जल्द अपनी बेटी के पास अमेरिका पहुंचने की कोशिश में लगा हुआ है। नीलम के परिवार ने तत्काल वीजा के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय और केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर से मदद की गुहार लगाई है।
नीलम शिंदे कौन हैं?
35 साल की नीलम शिंदे पढ़ाई के सिलसिले में अमेरिका पहुंची थीं। वे महाराष्ट्र के सतारा की रहने वाली हैं और पिछले 4 साल से अमेरिका में रह रही हैं। नीलम कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की फाइनल ईयर की स्टूडेंट हैं। उनकी जिंदगी में एक दर्दनाक मोड़ तब आया, जब 14 फरवरी 2025 को कैलिफोर्निया में सड़क पर चलते वक्त एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भयानक था कि नीलम कोमा में चली गईं और अभी तक होश में नहीं आई हैं।
क्या हुआ था उस दिन?
बताया जा रहा है कि नीलम सड़क पर पैदल जा रही थीं, तभी पीछे से एक चार पहिया गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में उनकी बांह, पैर और सिर में गंभीर चोटें आईं, और सीने में भी एक बड़ा घाव हुआ, जिसके बाद वे कोमा में चली गईं। परिवार का कहना है कि यह एक हिट-एंड-रन मामला है। फिलहाल नीलम सैक्रामेंटो के यूसी डेविस मेडिकल सेंटर में जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं। हादसे के बाद नीलम के परिवार ने भारत सरकार से मदद मांगी, ताकि वे जल्द से जल्द अमेरिका जा सकें।
मदद के लिए एक्टिव हुई सरकार
नीलम के पिता तानाजी शिंदे को अपनी बेटी की हालत देखने के लिए फौरन वीजा चाहिए था। इसके बाद गुरुवार को मुंबई स्थित अमेरिकी दूतावास से फोन आया और 28 फरवरी को वीजा इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। यह सब तब हुआ जब भारत के विदेश मंत्रालय ने मामले को उठाया और अमेरिकी पक्ष से जल्दी वीजा देने की बात की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी नीलम की मदद के लिए आवाज उठाई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सतारा के तानाजी शिंदे की बेटी नीलम के साथ अमेरिका में हादसा हुआ है और उन्हें फौरन वीजा की जरूरत है। सुप्रिया ने सरकार से परिवार की सहायता करने की अपील की थी।