पटना: बिहार के पूर्व मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने हाल ही में रंगोत्सव के दौरान एक सिपाही से ठुमका लगवाया। पुलिसकर्मी वर्दी में था, जिसे मंच पर बैठे तेजप्रताप ने कहा, “ऐ सिपाही, ऐ दीपक, एक गाना बजाएंगे, तुमको ठुमका लगाना है। ठुमका नहीं लगाओगे तो सस्पेंड कर दिये जाओगे, बुरा ना मानों होली है।” सरकारी सुरक्षा कर्मी से वर्दी में ठुमका लगवाने को लेकर बीजेपी ने तेजप्रताप यादव पर हमला किया और इसे राजद की पुरानी संस्कृति से जोड़ा।
बीजेपी का हमला: ‘यह जंगलराज की मानसिकता है’
बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्णा ने कहा कि तेजप्रताप यादव ने सरकारी सुरक्षाकर्मी से वर्दी में ठुमका लगवाया और यह कोई नया नहीं है। उन्होंने कहा, “जब बिहार में इनके माता-पिता का कुशासन था, तब भी ये लोग सुरक्षाकर्मियों से इसी तरह के काम करवाते थे। यह सब जंगलराज की मानसिकता का हिस्सा था। सुरक्षा कर्मियों से गाना गवाते थे और ठुमका लगवाते थे।”
कुंतल कृष्णा ने कहा, “अफसरों से खैनी लगवाते थे, लेकिन तेजप्रताप यह भूल गए हैं कि अब उनके माता-पिता का जंगलराज नहीं है। यह सुशासन की सरकार है। भाजपा और नीतीश की सरकार है। अगर विधायक सुरक्षा कर्मियों से ऐसी बात कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि सरकार को उनकी सुरक्षा की फिर से समीक्षा करनी चाहिए। शायद उन्हें सुरक्षा कर्मी की जरूरत नहीं है।”
जेडीयू का भी हमला: ‘बिहार बदल चुका है’
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी तेजप्रताप यादव पर हमला बोलते हुए कहा, “जंगलराज का दौर अब खत्म हो चुका है, लेकिन लालू जी के बड़े बेटे तेजप्रताप की हरकतें देखिए। एक पुलिसकर्मी को ठुमका लगाने का आदेश दे रहे हैं। बिहार अब बदल चुका है। तेजप्रताप यादव, तेजस्वी यादव या लालू यादव के कुनबे के किसी भी सदस्य को यह समझना होगा कि बदलते बिहार में इस तरह की हरकतों की कोई जगह नहीं है।”
राजद को मिलेगा विरोध का सामना?
बीजेपी और जेडीयू नेताओं के इस आरोप के बाद तेजप्रताप यादव और राजद की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने राजद की छवि को लेकर भी सवाल उठाए हैं और विपक्षी दलों ने इसे बिहार के सुशासन की दिशा में एक गंभीर चुनौती के रूप में पेश किया है।
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