बेगूसराय: केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने अपने ताजा सोशल मीडिया पोस्ट से एक बार फिर बिहार के राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “हिंदुओं के बिना हिंदुस्तान अधूरा है। मुगलों और अंग्रेजों के बाद नेहरू से अब तक राजनेताओं ने हिंदुस्तान और हिंदुओं को जातियों में बांटा है। अब हिंदुओं को एकजुट होना होगा और जागना होगा।”
इस पोस्ट के बाद बिहार में राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं और राजनीतिक दल अपने-अपने एजेंडे को लेकर सक्रिय हो गए हैं। गिरिराज सिंह के बयान को समर्थक “हिंदू एकता का संदेश” बता रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इसे “ध्रुवीकरण की राजनीति” करार दिया है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर दिया गया राजनीतिक संदेश है, जिसने बेगूसराय सहित पूरे बिहार की सियासत में बहस छेड़ दी है।
वहीं, गिरिराज सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक अन्य ट्वीट में लिखा, “ये होता है असली स्ट्राइक रेट। आज मजबूत सीट लेकर स्ट्राइक रेट का झुनझुना बजा रहे हैं। 2010 के बिहार चुनाव में NDA ने रचा था इतिहास। 243 में से 206 सीटें जीतीं! जदयू ने 141 में से 115 सीटें जीतीं (स्ट्राइक रेट 81%), बीजेपी ने 102 में से 91 सीटें जीतीं (स्ट्राइक रेट 89%)। इतनी प्रचंड जीत बिहार की राजनीति में फिर कभी नहीं दोहराई गई। तब भी धर्मेंद्र प्रधान जी प्रभारी थे, आज भी प्रभारी हैं।”
गिरिराज सिंह के इस बयान और ट्वीट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, जिससे बिहार की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।