राज्य पुलिस को मिलेंगे आधुनिक ड्रोन, मार्च तक खरीदे जाएंगे 50 उच्च क्षमता वाले ड्रोन

The state police will receive modern drones; 50 high-capacity drones will be purchased by March.

बिहार: अब राज्य की पुलिस आधुनिक तकनीक से लैस उच्च क्षमता वाले ड्रोन का इस्तेमाल करेगी। सभी पुलिस जिलों को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को विशेष रूप से हाई क्वालिटी के 10 ड्रोन दिए जाएंगे। इस तरह कुल करीब 50 ड्रोन की खरीद इस वर्ष मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। ड्रोन खरीद के इस प्रस्ताव को 14 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है। इन पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

यह जानकारी एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी।

एडीजी ने बताया कि जिलों को दिए जाने वाले ड्रोन 45 मिनट तक हवा में उड़ान भरने में सक्षम होंगे। ये ड्रोन भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ पुलिसिंग से जुड़े अन्य कार्यों में भी प्रभावी साबित होंगे। इनमें एएनपीआर (ऑटो नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम) की सुविधा होगी, जिससे सड़कों पर वाहनों की नंबर प्लेट पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। वहीं एसटीएफ को मिलने वाले हाई क्वालिटी ड्रोन की मदद से दियारा सहित अन्य दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी। ड्रोन की खरीद केंद्र सरकार की एएसयूएमपी (Assistance to States and UTs for Modernisation of Police) योजना के तहत की जाएगी, जिसमें राज्य सरकार भी अपना अंशदान देगी।

थानों की सीसीटीवी से सर्विलांस की तैयारी
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि सभी थानों की सीसीटीवी के जरिए केंद्रीकृत सर्विलांस की योजना बनाई गई है। थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और डैशबोर्ड स्थापित करने के लिए एएसयूएमपी योजना के तहत 112 करोड़ 46 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा और स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़े उपकरणों की खरीद तथा थाना भवन, पुलिसकर्मियों के आवास और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए अलग-अलग मदों में कुल 384 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके तहत विभिन्न जिलों में 11 नए थाना भवन, पटना के लोदीपुर में एसटीएफ का मुख्यालय भवन, बैरक और अनुमंडल स्तरीय कार्यालयों सहित अन्य बुनियादी ढांचों का निर्माण किया जाएगा।

मार्च तक शुरू होंगे 7 नए एफएसएल
राज्य में 7 नए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) इस वर्ष मार्च से शुरू होने की संभावना है। फिलहाल पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में चार एफएसएल संचालित हैं, जबकि 34 चलंत एफएसएल मोबाइल लैब भी कार्यरत हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) सहित नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में फॉरेंसिक रिपोर्ट की बढ़ती भूमिका को देखते हुए एफएसएल की संख्या बढ़ाई जा रही है। एडीजी ने बताया कि राज्य में आईजी के नेतृत्व में साइबर यूनिट की शुरुआत भी हो चुकी है।

सीसीटीवी से होगी सरकारी भवनों की निगरानी
एडीजी ने कहा कि पटना के सभी सचिवालय भवनों के साथ-साथ जिला स्तरीय कार्यालयों और प्रमुख सरकारी भवनों व स्थानों की निरंतर निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और डैशबोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित हो सके। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना पर लगभग 23 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होने की संभावना है।

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