इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: बिहार ने टेक हब बनने की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम

India AI Impact Summit 2026: Bihar takes a big step towards becoming a tech hub

India AI Impact Summit and Expo 2026 के मंच पर बिहार ने पूर्वोत्तर भारत के लिए टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में अहम पहल की है। राज्य सरकार ने IIT Patna के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। इनमें 250 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क और 60 करोड़ रुपये से बिहार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की स्थापना का निर्णय शामिल है। इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और लगभग 50 हजार युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग मिलने की संभावना जताई गई है।

उप मुख्यमंत्री ने किया बिहार पवेलियन का उद्घाटन
समिट में बिहार के उप मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री Rajiv Ranjan Singh, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Shreyasi Singh, उद्योग मंत्री Dilip Jaiswal और राज्यसभा सदस्य Sanjay Kumar Jha भी उपस्थित रहे।

सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस तरह भारत एआई क्षेत्र में वैश्विक एजेंडा तय कर रहा है, उसी तरह बिहार भी तेजी से टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय अवसर मिलेंगे।

IIT पटना में बनेगा 250 करोड़ का रिसर्च पार्क
IIT पटना के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह ने बताया कि प्रस्तावित रिसर्च पार्क उद्योग और अकादमिक जगत के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगा। इसमें इनोवेशन लैब, स्टार्टअप स्पेस और उन्नत शोध सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य शोध एवं विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है।

एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से बढ़ेगी स्टार्टअप संस्कृति
बिहार एआई CoE की स्थापना में Tiger Analytics इंडस्ट्री पार्टनर और IIT पटना अकादमिक पार्टनर की भूमिका निभाएंगे। आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह केंद्र स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन के लिए मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करेगा। उनका लक्ष्य है कि बिहार के युवा नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें।

वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि
समिट में 100 से अधिक टेक कंपनियों के सीईओ और 135 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से ज्यादा देशों के मंत्री भी आयोजन में शामिल हुए। बिहार पवेलियन में राज्य की नई औद्योगिक नीतियों, निवेश संभावनाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।

उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि नई आईटी और सेमीकंडक्टर नीतियों के बाद वैश्विक कंपनियों की रुचि बिहार में तेजी से बढ़ी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इसे राज्य के औद्योगिकीकरण और आर्थिक बदलाव की दिशा में मील का पत्थर बताया।

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