-बैंक की छत तक पहुंचे धमाके के कण, दर्जनभर लोग झुलसे।
-11 गंभीर घायलों को जीएमसीएच बेतिया रेफर, प्रशासन अलर्ट।
- रिपोर्ट: आशीष पाण्डेय
बेतिया: लौरिया के अतिव्यस्त हनुमान चौक पर शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे एक भयावह हादसे ने पूरे बाजार क्षेत्र को दहला दिया। यूनियन बैंक के समीप अंडा-मीट ठेला संचालक के छोटे गैस सिलेंडर में अचानक हुए भीषण विस्फोट से देखते ही देखते आग का गोला उठ खड़ा हुआ। धमाका इतना प्रचंड था कि उसके धात्विक कण और लपटें समीप स्थित बैंक की छत तथा पास की मोबाइल दुकान तक जा पहुंचीं, जिससे इलाके में भगदड़ और अफरातफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट के साथ तेज धमाके की आवाज गूंजी और आसपास खड़े राहगीर आग की चपेट में आ गए। एक दर्जन से अधिक लोग झुलसकर सड़क पर गिर पड़े। ठेला संचालक गोविंद राय (34) भी गंभीर रूप से झुलस गए। कुछ लोगों के कपड़ों में आग लग गई, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बुझाया।

घटना की सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी नितेश कुमार और थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ महज पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चार एंबुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गईं। पुलिस, एंबुलेंसकर्मियों और स्थानीय दुकानदारों के सामूहिक प्रयास से सभी घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रौशन कुमार ने बताया कि कुल 11 घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया, जिनमें पांच से अधिक की स्थिति गंभीर है। गंभीर रूप से झुलसे लोगों में दो महिलाएं, दो मासूम बच्चियां और एक पुरुष शामिल हैं। सभी को बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया गया है। अन्य घायलों का उपचार स्थानीय स्तर पर जारी है।

घायलों में विनय कुमार शुक्ल, गुलाब पटेल, नितेश कुमार, कृष्णा ठाकुर, प्रेमनाथ कुमार, भूल देवी व उनकी पांच वर्षीय पुत्री, सीता देवी व उनकी छह वर्षीय पुत्री सहित अन्य लोग शामिल हैं। करीब आधा दर्जन लोग आंशिक रूप से झुलसे, जिन्होंने निजी दवा दुकानों से उपचार कराया।
विस्फोट के बाद बाजार में दहशत का माहौल कायम हो गया और कई दुकानदारों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर सिलेंडर के अवशेषों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आशंका गैस रिसाव के बाद आग पकड़ने की जताई जा रही है। प्रशासन ने फुटपाथ विक्रेताओं को सुरक्षा मानकों के पालन की सख्त चेतावनी दी है।

डॉ. रौशन कुमार ने अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि गलत तरीके से वाहन खड़े करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि इससे आपातकालीन सेवाओं में बाधा उत्पन्न होती है। स्थानीय नागरिकों की त्वरित मानवीय पहल से घायलों को समय पर उपचार मिल सका। फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की गहन जांच में जुटा है।