नई दिल्ली- लंबे राजनीतिक संघर्ष और कड़े चुनावी मुकाबले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की थी।
प्रोटोकॉल के तहत ममता बनर्जी को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया था। इस ऐतिहासिक मौके पर भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री, वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी समारोह में शामिल हुए।
पांच मंत्रियों ने भी ली शपथ
सुवेंदु अधिकारी के साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडु और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं।
सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के 9वें मुख्यमंत्री और राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। इसे बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
‘डबल इंजन’ सरकार से विकास को मिलेगी रफ्तार
शपथ ग्रहण के बाद सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने से पश्चिम बंगाल में ‘डबल इंजन’ विकास का रास्ता खुलेगा और ‘सोनार बांग्ला’ का सपना साकार होगा।
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि यह पश्चिम बंगाल के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘सिटी ऑफ जॉय’ में स्वागत करते हुए कहा कि आजादी के बाद पहली बार बंगाल में भाजपा सरकार बनी है, जो पार्टी के संस्थापक नेताओं के सपनों को पूरा करने जैसा है।
‘मैं नहीं, हम मिलकर चलाएंगे सरकार’
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार सामूहिक नेतृत्व के आधार पर काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य को केवल ‘मैं’ नहीं, बल्कि ‘हम’ मिलकर आगे बढ़ाएंगे। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर तालमेल से बंगाल के विकास को नई गति दी जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में अब विकास, शांति और समृद्धि के नए दौर की शुरुआत होगी और दशकों के कथित कुशासन का अंत हो जाएगा।