नई दिल्ली : देशभर में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं और ऑनलाइन टास्क फ्रॉड के जरिए लोगों को ठगने वाले एक बड़े साइबर गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। पिंपरी-चिंचवड़ साइबर पुलिस ने इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से आरोपी को थाईलैंड से भारत लाकर गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान सौरभ उर्फ गणेश बालासो काले के रूप में हुई है। वह कथित तौर पर दुबई और बाद में थाईलैंड से साइबर ठगी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को ऑनलाइन टास्क, निवेश पर भारी मुनाफे और डिजिटल अरेस्ट जैसे झांसे देकर करोड़ों रुपये की ठगी करता था।
मामले की जांच एक ऑनलाइन टास्क फ्रॉड केस से शुरू हुई थी। जांच एजेंसियों को मिले सुरागों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का खुलासा किया। पुलिस का दावा है कि आरोपी का नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और साइबर अपराध से जुड़े करोड़ों रुपये विभिन्न बैंक खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर किए जाते थे।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी के संबंध चीन समेत कई विदेशी नागरिकों और साइबर अपराधियों से थे। बताया जा रहा है कि उसने दुबई में अपना ऑपरेशन सेंटर बना रखा था, जहां से पूरे नेटवर्क की गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता था।
पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी के खिलाफ इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस और लुकआउट सर्कुलर जारी कराया गया था। इसके बाद बैंकॉक एयरपोर्ट पर उसे हिरासत में लिया गया और भारत लाया गया। मुंबई पहुंचते ही साइबर पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का नाम कई बड़े साइबर फ्रॉड मामलों में सामने आया है। जांच एजेंसियां अब उसके पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।