नई दिल्ली : कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (CUET-PG) 2026 को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। एजेंसी ने साफ किया है कि जिन परीक्षाओं को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से पुनर्निर्धारित (री-शेड्यूल) किया गया था, उनका उम्मीदवारों के स्कोरिंग और मूल्यांकन प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
NTA ने कहा कि परीक्षा के दौरान अपनाई गई मूल्यांकन प्रणाली पूरी तरह वैज्ञानिक और मानकीकृत प्रक्रिया पर आधारित है। एजेंसी के अनुसार, सभी अभ्यर्थियों के अंकों का निर्धारण निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत किया गया है, जिससे किसी भी उम्मीदवार को अनुचित लाभ या नुकसान नहीं हुआ।
हाल के दिनों में कुछ छात्रों और अभिभावकों ने री-शेड्यूल की गई परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि अलग-अलग तिथियों पर परीक्षा होने से परिणामों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इन आशंकाओं को दूर करते हुए NTA ने स्पष्ट किया कि स्कोरिंग प्रक्रिया में आवश्यक सांख्यिकीय और तकनीकी मानकों का पालन किया गया है।
एजेंसी ने बताया कि विभिन्न शिफ्टों और परीक्षा तिथियों के बीच कठिनाई स्तर में संभावित अंतर को संतुलित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई। इसका उद्देश्य सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना था।
NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। एजेंसी ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
इस स्पष्टीकरण के बाद उम्मीद की जा रही है कि CUET-PG 2026 के परिणामों को लेकर छात्रों के बीच बनी असमंजस की स्थिति काफी हद तक दूर हो जाएगी। वहीं, उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ने की संभावना है।