नई दिल्ली: भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। भारत द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज किए जाने के बीच बांग्लादेश ने भारत पर अपने नागरिकों को जबरन सीमा पार भेजने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे ने दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में नई चुनौती खड़ी कर दी है।
बांग्लादेश का दावा- कई कोशिशें नाकाम कीं
बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) का कहना है कि उसने पिछले 24 घंटों के दौरान सीमा के विभिन्न हिस्सों में भारतीय अधिकारियों द्वारा लोगों को बांग्लादेश में भेजने की कई कथित कोशिशों को विफल किया है। बांग्लादेशी अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर ऐसे 10 मामलों का पता लगाया गया है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
भारत की अवैध घुसपैठ पर सख्त नीति
भारत लंबे समय से अवैध घुसपैठ और सीमा पार अपराधों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती मानता रहा है। केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा एजेंसियां अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान, सत्यापन और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को तेज कर रही हैं। हाल के महीनों में कई संदिग्ध घुसपैठियों को हिरासत में लेकर उनके दस्तावेजों की जांच की गई है।
दिल्ली में होगी अहम सीमा वार्ता
इस विवाद के बीच 8 से 11 जून के बीच नई दिल्ली में भारत और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों के महानिदेशक स्तर की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में अवैध घुसपैठ, सीमा पर बाड़बंदी, सीमा पार अपराधों और अवैध प्रवासियों की वापसी जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सीमा सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
भारत-बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं में से एक है, जिसकी लंबाई 4,000 किलोमीटर से अधिक है। सीमा पर घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं। हाल ही में सीमा पर बाड़बंदी और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
अब सबकी नजर जून में होने वाली द्विपक्षीय वार्ता पर है, जहां दोनों देश सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवास के मुद्दे पर अपने-अपने पक्ष रखेंगे।