बेगूसराय: जिले में मंगलवार को चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अचानक तनाव फैल गया। लोहिया नगर ओवरब्रिज के पास जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम जैसे ही अवैध निर्माण तोड़ने पहुँची और बुलडोजर चलना शुरू हुआ, स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध जल्द ही उग्र हो गया और भीड़ ने प्रशासनिक टीम पर पथराव कर दिया, जिससे माहौल में अफरा-तफरी मच गई।
पथराव की सूचना पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का-बल प्रयोग किया, हालांकि सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे ने लाठीचार्ज की बात को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आवश्यक कदम उठाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भगदड़ में महिलाएं और बच्चे भी प्रभावित हुए।
अभियान के दौरान प्रशासन बुलडोजर की मदद से अवैध दुकानों और झोपड़ीनुमा घरों को हटाने में जुटा था। कई लोग अपना घर और दुकान बचाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन नगर निगम के अनुसार यह पूरा क्षेत्र अवैध कब्जे में था और लगातार जाम की समस्या का कारण बन रहा था। जारी तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा है कि किस तरह अवैध रूप से बसे लोगों के अस्थायी घरों को ध्वस्त किया गया। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। डीएम तुषार सिंगला और एसपी भी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
डीएम ने बताया कि इस इलाके का विस्तृत सर्वे कराया गया था, जिसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि कई लोग यहाँ अवैध रूप से रह रहे थे, जबकि उनका स्थायी आवास कहीं और है। कई बाहरी लोग भी इस इलाके में कब्जा जमाए हुए पाए गए। ऐसे लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। डीएम ने साफ कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि जहाँ-जहाँ जाम की समस्या, दुर्घटनाओं का खतरा, आपातकालीन सेवाओं में बाधा और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़ी चुनौतियाँ हैं, वहाँ चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई होगी। अभियान का अगला चरण रेलवे गुमटी से लेकर जेल गेट तक चलाया जाएगा।