बिहार: सीमित संसाधनों के बावजूद बिहार ने एक बार फिर अपनी क्षमता और संभावनाओं को साबित कर दिखाया है। रोजगार सृजन के क्षेत्र में राज्य ने देश के कई विकसित राज्यों को पीछे छोड़ते हुए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की राष्ट्रीय रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस सूची में पहले स्थान पर जम्मू-कश्मीर और दूसरे स्थान पर तमिलनाडु है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, बिहार में पीएमईजीपी योजना के तहत कुल 35,406 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 8,077 आवेदनों को स्वीकृति दी गई। इसके तहत उद्योग विभाग ने 14,899 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है, जो राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है।
बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रमाण है कि राज्य के युवा अब बड़े पैमाने पर स्वरोजगार की ओर अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि खासकर नए प्रोजेक्ट्स के लिए इस योजना का व्यापक उपयोग हो रहा है, जिससे प्रदेश में उद्यमिता की नई लहर चल पड़ी है।
मंत्री ने यह भी बताया कि पीएमईजीपी आवेदनों की जांच और स्वीकृति प्रक्रिया में बिहार को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि स्वीकृत आवेदनों की कुल संख्या के मामले में राज्य ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
यह उपलब्धि बिहार के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, जो दर्शाता है कि राज्य की युवा शक्ति सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही है।