नई दिल्ली: सीबीएसई (CBSE) ने कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2026 के छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर नया अपडेट जारी किया है। बोर्ड ने तकनीकी समस्याओं के चलते ऑनलाइन पोर्टल की तारीखों में बदलाव किया है, जिससे छात्रों को आवेदन करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।
बोर्ड के मुताबिक, कई छात्रों को पोर्टल पर आवेदन के दौरान तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शिकायतों और सिस्टम संबंधी समस्याओं को देखते हुए CBSE ने प्रक्रिया की समयसीमा में संशोधन करने का फैसला लिया।
क्या है नया अपडेट?
CBSE ने बताया कि कक्षा 12 के छात्रों के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के अंकों की वेरिफिकेशन, फोटोकॉपी और री-इवैल्यूएशन से जुड़ी प्रक्रिया नई तारीखों के अनुसार आयोजित की जाएगी। इसके लिए पोर्टल को संशोधित शेड्यूल के साथ दोबारा उपलब्ध कराया जाएगा।
तीन चरणों में होती है प्रक्रिया
CBSE की पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया आमतौर पर तीन चरणों में पूरी होती है—
- Verification of Marks (अंकों की जांच) – इसमें छात्र यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि सभी उत्तरों के अंक सही तरीके से जोड़े गए हैं या नहीं।
- Photocopy of Answer Book (उत्तर पुस्तिका की कॉपी) – छात्र अपनी जांची हुई कॉपी की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
- Re-Evaluation (पुनर्मूल्यांकन) – छात्र किसी विशेष उत्तर के मूल्यांकन पर दोबारा जांच की मांग कर सकते हैं।
तकनीकी दिक्कतों के कारण बदला फैसला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोर्टल लॉन्च के दौरान कई उम्मीदवारों को लॉगिन, भुगतान और आवेदन सबमिशन से जुड़ी समस्याएं सामने आई थीं। इसी वजह से CBSE को शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा।
छात्रों को क्या करना चाहिए?
बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित नजर बनाए रखें और नई तारीखों, आवेदन प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की जानकारी समय-समय पर चेक करते रहें।
छात्रों के लिए क्यों अहम है यह प्रक्रिया?
वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया उन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है, जिन्हें अपने प्राप्त अंकों को लेकर संदेह होता है या जो बेहतर स्कोर की उम्मीद रखते हैं। कई बार पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों के अंक बढ़ने या घटने की संभावना भी रहती है, जिसका सीधा असर कॉलेज एडमिशन और करियर विकल्पों पर पड़ सकता है।
कॉलेज एडमिशन पर पड़ सकता है असर
इस समय देशभर में विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। ऐसे में CBSE के संशोधित शेड्यूल का असर उन छात्रों पर पड़ सकता है, जो अपडेटेड मार्क्स के आधार पर एडमिशन लेना चाहते हैं।