पटना : बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के 211 नवसृजित डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली पढ़ाई फिलहाल शुरू नहीं हो पाएगी। सरकार की ओर से पहले तय किया गया था कि नए डिग्री कॉलेजों में जुलाई से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी, लेकिन तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण इस योजना पर फिलहाल रोक लग गई है। अब नई तारीख मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सहमति के बाद तय की जाएगी।
इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने की योजना बिहार सरकार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई थी। सरकार का लक्ष्य था कि जिन प्रखंडों में अब तक डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां छात्रों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा की सुविधा मिल सके।
1 जुलाई से शुरू होनी थी पढ़ाई
बिहार सरकार ने घोषणा की थी कि राज्य के नए डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई से कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने तैयारियां भी शुरू की थीं। लेकिन जमीनी स्तर पर कई समस्याएं सामने आ गईं। कॉलेजों के संचालन के लिए जरूरी संसाधन, शिक्षकों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। इसी वजह से तय तारीख पर पढ़ाई शुरू करने का फैसला टालना पड़ा।
कहां फंसा मामला?
सरकार की योजना के मुताबिक इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने के लिए कई स्तरों पर तैयारी की जा रही थी। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती शिक्षकों की नियुक्ति और कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सामने आई। विभाग की ओर से इन कॉलेजों के लिए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई थी, लेकिन नियमित व्यवस्था तैयार होने में समय लग रहा है।
9284 पदों को मिली थी मंजूरी
नए डिग्री कॉलेजों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने कुल 9,284 पदों के सृजन को मंजूरी दी थी।
इनमें—
- 6,752 शिक्षक पद
- 2,532 शिक्षकेतर कर्मचारी पद
शामिल हैं। हर कॉलेज के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों की व्यवस्था की जानी है।
शिक्षकों की कमी बनी बड़ी वजह
कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा शिक्षकों की उपलब्धता को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि नियमित नियुक्ति होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति पर भी विचार किया गया था, लेकिन इसमें भी कई व्यावहारिक परेशानियां सामने आईं। शिक्षकों की कमी के कारण तय समय पर कक्षाएं शुरू करना मुश्किल हो गया।
पहले चरण में 6 विषयों से शुरू होनी थी पढ़ाई
सरकार की योजना के अनुसार इन कॉलेजों में कुल 16 विषयों में पढ़ाई की मंजूरी दी गई थी। हालांकि शुरुआत में कुछ चुनिंदा विषयों से ही कक्षाएं शुरू करने की तैयारी थी। लेकिन कॉलेज पूरी तरह तैयार नहीं होने के कारण अब इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए नई रणनीति बनाई जा रही है।
छात्रों को करना होगा इंतजार
इन नए डिग्री कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों को अब नई तारीख का इंतजार करना होगा। सरकार का उद्देश्य छात्रों को बेहतर उच्च शिक्षा सुविधा देना है, लेकिन व्यवस्था पूरी तरह तैयार होने के बाद ही कक्षाएं शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।
सरकार की योजना क्या है?
बिहार सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के हर क्षेत्र में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाई जाए। खासकर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों के छात्रों को इसका फायदा मिल सके। नए कॉलेज खुलने से छात्रों को बड़े शहरों में जाने की मजबूरी कम होगी और स्थानीय स्तर पर शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
अब नई तारीख का इंतजार
फिलहाल उच्च शिक्षा विभाग नई कार्ययोजना तैयार कर रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मंजूरी के बाद नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू करने की तारीख घोषित की जाएगी।
बिहार के 211 नए डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई से शुरू होने वाली पढ़ाई फिलहाल टल गई है। शिक्षकों की कमी और आधारभूत सुविधाओं की तैयारी पूरी नहीं होने के कारण सरकार को फैसला बदलना पड़ा। अब छात्रों की नजर सरकार के अगले ऐलान पर है कि इन कॉलेजों में आखिर कब से नियमित पढ़ाई शुरू होगी।