नीतीश कुमार के नकाब हटाने की घटना पर बवाल: इल्तिजा मुफ्ती ने श्रीनगर में दर्ज कराई शिकायत, गिरिराज सिंह के बयान पर तीखा पलटवार

Controversy erupts over the incident of Nitish Kumar's mask being removed: Iltija Mufti files a complaint in Srinagar, launches a sharp counter-attack against Giriraj Singh's statement.

श्रीनगर: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला आयुष डॉक्टर का नकाब सार्वजनिक कार्यक्रम में हटाने की घटना पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने शुक्रवार को श्रीनगर के कोठी बाग पुलिस स्टेशन में नीतीश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने एफआईआर की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने महिला की गरिमा का उल्लंघन किया और मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बोला।

इल्तिजा ने अपनी शिकायत की कॉपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की और जम्मू-कश्मीर पुलिस को टैग करते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की। शिकायत में उन्होंने घटना को ‘घृणित’ बताया और कहा कि पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान नीतीश कुमार ने युवा मुस्लिम डॉक्टर नुसरत परवीन का नकाब जबरन खींचा। इस दौरान स्टेज पर मौजूद बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित अन्य लोग हंसते नजर आए, जो और भी शर्मनाक है। इल्तिजा ने जोर देकर कहा कि हिजाब या नकाब पहनना महिला की निजी और धार्मिक पसंद है, जिसमें किसी का हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह द्वारा नीतीश कुमार का बचाव करने पर इल्तिजा भड़क उठीं। गिरिराज ने कहा था कि नीतीश ने कुछ गलत नहीं किया, बल्कि अभिभावक की तरह व्यवहार किया और महिला को नौकरी लेनी हो तो चेहरा दिखाना चाहिए, वरना ‘जहन्नुम में जाए’। इस पर इल्तिजा ने ‘एक्स’ पर तीखा जवाब देते हुए लिखा कि इस व्यक्ति के ‘गंदे मुंह’ को साफ करने के लिए केवल ‘फिनाइल’ ही काफी होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मुस्लिम माताओं-बहनों के हिजाब और नकाब को छूने की हिम्मत न करें, वरना मुस्लिम महिलाएं ऐसा सबक सिखाएंगी जो जीवनभर याद रहेगा।

घटना 15 दिसंबर को पटना में हुई, जब नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र बांट रहे थे। वायरल वीडियो में वे महिला का नकाब देखकर ‘यह क्या है?’ कहते हुए उसे नीचे खींचते दिखे। विपक्षी दलों ने इसे महिला की गरिमा पर हमला बताया और नीतीश से माफी की मांग की। जम्मू-कश्मीर में भी कई पार्टियों ने निंदा की, जबकि कुछ नेताओं ने इसे अभिभावकीय स्नेह बताया। पुलिस ने शिकायत पर अभी एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जांच जारी है और विवाद आगे बढ़ने के आसार हैं।

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