HIV और AIDS को लेकर दूर करें भ्रम: जानें इनके बीच का असली अंतर

Eliminate myths about HIV and AIDS: Learn the real difference between them

नई दिल्ली: अक्सर लोग एचआईवी (HIV) और एड्स (AIDS) को एक ही बीमारी समझ लेते हैं, जबकि मेडिकल साइंस के अनुसार दोनों अलग-अलग स्थितियाँ हैं। एचआईवी एक वायरस है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) पर हमला करता है, जबकि एड्स इस संक्रमण की अंतिम और सबसे गंभीर स्टेज होती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि एचआईवी का समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह आगे चलकर जानलेवा एड्स में बदल सकता है।

HIV क्या है और यह शरीर को कैसे कमजोर करता है?
एचआईवी का पूरा नाम ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस है। यह वायरस शरीर में प्रवेश करते ही उन कोशिकाओं को नष्ट करना शुरू कर देता है जो हमें बीमारियों से बचाने का काम करती हैं। धीरे-धीरे यह इम्यून सिस्टम को इतना कमजोर कर देता है कि शरीर सामान्य संक्रमणों से लड़ने में भी सक्षम नहीं रह पाता।

10 साल में वायरस ले सकता है एड्स का रूप
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि एचआईवी का इलाज न लिया जाए, तो यह संक्रमण लगभग 10 साल में एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम में बदल सकता है। एड्स, एचआईवी की अंतिम स्टेज है जिसमें मरीज के शरीर में श्वेत रक्त कण (WBCs) अत्यधिक कम हो जाते हैं और शरीर पूरी तरह कमजोर हो जाता है।

हर HIV मरीज को एड्स नहीं होता
राहत की बात यह है कि हर एचआईवी संक्रमित व्यक्ति एड्स का मरीज नहीं बनता। यदि समय पर उपचार शुरू कर दिया जाए और एंटीरेट्रोवायरल दवाएं ली जाएं, तो संक्रमण को नियंत्रण में रखकर एड्स की स्थिति तक जाने से रोका जा सकता है। ध्यान रहे—बिना एचआईवी के किसी को भी एड्स नहीं हो सकता।

इन गलतियों से फैलता है HIV संक्रमण
एचआईवी संक्रमण मुख्यतः असुरक्षित व्यवहारों के कारण फैलता है। इसके प्रमुख कारण हैं:

  • बिना कंडोम के यौन संबंध, खासकर एक से अधिक पार्टनर्स के साथ।
  • संक्रमित सुई या सिरिंज का उपयोग, या नशीले पदार्थों की इंजेक्शन सुई साझा करना।
  • संक्रमित खून का चढ़ना, हालांकि आज यह बहुत कम होता है, लेकिन जोखिम मौजूद रहता है।

जागरूकता और सुरक्षित आदतें अपनाकर इस संक्रमण से बचाव पूरी तरह संभव है।

बचाव ही सबसे कारगर उपाय
चिकित्सकों का कहना है कि एचआईवी से बचने का सबसे बेहतर तरीका है—सुरक्षित यौन संबंध बनाना, संक्रमित सुइयों से दूर रहना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना। समय रहते सावधानी बरतने से एचआईवी और एड्स दोनों से बचाव किया जा सकता है।

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