पटना: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को अपनी पहली बिहार यात्रा पर पटना जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वे ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में भी भाग लेंगे। यह उनकी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद की पहली बिहार यात्रा है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से बड़े स्तर पर तैयारी
कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी की यात्रा के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। पार्टी के राज्य मुख्यालय, सदाकत आश्रम को राहुल गांधी के स्वागत के लिए सजाया गया है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि पूर्व पार्टी प्रमुख के आगमन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह है और वातावरण बहुत खुशनुमा है।
यात्रा की योजना पर अंतिम बैठक
गुरुवार को एक बैठक हुई जिसमें एआईसीसी प्रभारी मोहन प्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह और पार्टी के प्रमुख नेताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक में यात्रा की योजना को अंतिम रूप दिया गया। कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन और ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ सहित इस कार्यक्रम में पूरे बिहार से कांग्रेस कार्यकर्ता पटना आएंगे।
संविधान सुरक्षा सम्मेलन का उद्देश्य
यह कार्यक्रम बापू सभागार में आयोजित होगा और राहुल गांधी द्वारा किए जा रहे राष्ट्रव्यापी सम्मेलनों का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संविधान की रक्षा की आवश्यकता पर ध्यान आकर्षित करना और भाजपा को निशाने पर रखना है।
सामाजिक संगठनों और नेताओं से मुलाकात
राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत करेंगे, साथ ही वे सामाजिक संगठनों से भी मिलेंगे। यह उनकी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान जमीनी स्तर पर आंदोलनों से जुड़ने की उनकी प्रतिबद्धता को जारी रखने का एक हिस्सा है।
बीपीएससी उम्मीदवारों से मुलाकात की संभावना
इसके अलावा, राहुल गांधी बीपीएससी उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों से भी मिल सकते हैं, जो हाल ही में हुए प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ विरोध कर रहे हैं और परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
नवनिर्मित स्टाफ क्वार्टर और सभागार का उद्घाटन
राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान कांग्रेस राज्य मुख्यालय में नवनिर्मित स्टाफ क्वार्टर और नवीनीकृत सभागार का उद्घाटन भी करेंगे।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने राहुल गांधी की यात्रा पर चुटकी लेते हुए कहा कि जनता और उनकी अपनी पार्टी भी उनकी यात्राओं पर बहुत ध्यान नहीं देती, जो कांग्रेस के भीतर आंतरिक गुटबाजी को दर्शाता है।