पटना: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह समेत 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस पर अनंत सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए एफआईआर को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है।
अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने न तो कोई कानून तोड़ा है और न ही कोई गलत काम किया है। उनके मुताबिक, जिस कार्यक्रम में वे शामिल हुए थे, वहां किसी अन्य व्यक्ति द्वारा हथियार के साथ डांस किया जा रहा था, जिससे उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह मौके पर मौजूद थे, तब वहां पुलिस भी तैनात थी, ऐसे में अगर कोई कानून का उल्लंघन हो रहा था तो पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
उन्होंने कहा कि वह केवल जनेऊ कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और वहां आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम देख रहे थे। “अगर वहां जाना या कार्यक्रम देखना गलत था, तो प्रशासन को पहले ही रोकना चाहिए था,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका नाम जबरन केस में जोड़ा गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 2 मई को अनंत सिंह गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में एक उपनयन (जनेऊ) समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। यह आयोजन स्थानीय मुखिया गुड्डू राय के पुत्र के लिए रखा गया था, जिसमें भोजपुरी कलाकारों का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
इस दौरान सामने आए वीडियो में कुछ लोग भोजपुरी गानों पर हथियार लहराते हुए डांस करते दिखे, जबकि मंच पर डांस कार्यक्रम भी चल रहा था। वीडियो में कुछ लोग नर्तकियों पर पैसे उड़ाते हुए भी नजर आए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की जांच के बाद पुलिस ने मीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज की। इसमें आयोजक गुड्डू राय सहित कई लोगों के साथ अनंत सिंह और गुंजन सिंह को नामजद किया गया है। साथ ही कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में अवैध और लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिससे क्षेत्र में दहशत फैलाने की कोशिश हुई। इसके अलावा अश्लील नृत्य और सार्वजनिक प्रसारण को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं।
इन धाराओं में केस दर्ज
आरोपियों पर आर्म्स एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें अवैध हथियार प्रदर्शन, सार्वजनिक शांति भंग करने और अश्लीलता फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के सत्यापन के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए महिला सम्मान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में खुलेआम अश्लीलता और हथियारों का प्रदर्शन गंभीर चिंता का विषय है।