गांधीनगर/अहमदाबाद : पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की ‘कार डिप्लोमेसी’ ने छेड़ी नई बहस

Gandhinagar/Ahmedabad: PM Modi and German Chancellor Friedrich Merz's 'car diplomacy' sparks new debate.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच की गर्मजोशी और निकटता ने कूटनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है। दोनों नेताओं की एक खास तस्वीर सामने आई है, जिसमें वे एक ही कार में साथ सफर करते दिख रहे हैं। इसे ‘कार डिप्लोमेसी’ का नाम दिया जा रहा है। यह तस्वीर न सिर्फ भारत और जर्मनी के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है, बल्कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर बढ़ते विश्वास और मित्रता को भी बयां करती है। इस अनौपचारिक अंदाज ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नया, सकारात्मक आयाम प्रदान किया है।

संस्कृति से जुड़ाव और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपने पहले आधिकारिक भारत दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य गुजरात पहुंचे। आधिकारिक कार्यक्रमों से पहले पीएम मोदी ने उन्हें भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत से रूबरू कराया। यात्रा की शुरुआत साबरमती आश्रम से हुई, जहां दोनों नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और बापू के विचारों को वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में बेहद प्रासंगिक बताया। चांसलर मर्ज ने आश्रम की विजिटर्स बुक पर भी हस्ताक्षर किए।

इसके बाद दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 में हिस्सा लिया। उन्होंने साथ मिलकर पतंग उड़ाई, जिसमें भगवान हनुमान वाली पतंग भी शामिल थी। यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का खूबसूरत उदाहरण रहा।

उद्योगपतियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक और व्यापारिक प्रतिबद्धता
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद एजेंडे में आर्थिक सहयोग प्रमुख रहा। गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने भारत-जर्मनी सीईओ फोरम में हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की मजबूत प्रतिबद्धता जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में भारत में लगभग 2,000 जर्मन कंपनियां सक्रिय हैं, जो भारत के आर्थिक माहौल और अवसरों पर जर्मनी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। दोनों नेताओं ने तकनीक, रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर भी हुए, जो भविष्य के सहयोग को नई गति देंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी जैसे देशों का करीबी सहयोग न केवल दोनों राष्ट्रों के लिए, बल्कि पूरी मानवता के हित में है। यह दौरा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने और राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष मनाने के खास मौके पर हुआ है।

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