नई दिल्ली : भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) का असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी देखने को मिलेगा। इस समझौते के तहत ब्रिटेन से आयात होने वाली कई लग्जरी कारों पर लगने वाले आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में चरणबद्ध तरीके से कमी की जाएगी। इससे भविष्य में इन वाहनों की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है।
किन लग्जरी कार ब्रांड्स को मिलेगा फायदा?
इस समझौते का लाभ मुख्य रूप से यूके में निर्मित या वहां से आयात होने वाले लग्जरी कार ब्रांड्स को मिलेगा। इनमें Rolls-Royce, Range Rover, Aston Martin, Bentley, Jaguar, Mini और McLaren जैसी कंपनियों की कारें शामिल हैं। आयात शुल्क कम होने के बाद इन वाहनों की कीमतें पहले के मुकाबले कम हो सकती हैं।
इंपोर्ट ड्यूटी में होगी चरणबद्ध कटौती
फिलहाल भारत में आयातित लग्जरी कारों पर काफी अधिक सीमा शुल्क लगाया जाता है। FTA के तहत इसे एक तय समयसीमा में चरणबद्ध तरीके से घटाया जाएगा। हालांकि यह छूट सभी वाहनों पर एक साथ लागू नहीं होगी, बल्कि निर्धारित शर्तों और कोटा (Import Quota) के तहत लागू की जाएगी।
कोटा सिस्टम के तहत मिलेगा लाभ
समझौते के अनुसार, कम आयात शुल्क का लाभ केवल एक निश्चित संख्या में आयात होने वाले वाहनों को मिलेगा। यानी हर साल तय किए गए कोटा के भीतर आने वाली गाड़ियों पर ही रियायती ड्यूटी लागू होगी। कोटा सीमा पूरी होने के बाद सामान्य आयात शुल्क लागू रह सकता है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
यदि वाहन निर्माता कंपनियां कम आयात शुल्क का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो आने वाले वर्षों में ब्रिटेन से आयात होने वाली कई लग्जरी कारें पहले की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकती हैं। हालांकि अंतिम कीमत कई अन्य कारकों जैसे एक्स-शोरूम प्राइस, टैक्स, लॉजिस्टिक्स और कंपनी की मूल्य निर्धारण नीति पर भी निर्भर करेगी।
भारतीय ऑटो बाजार पर भी होगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत के प्रीमियम और लग्जरी कार बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। इससे ग्राहकों के पास अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की पहुंच भी भारतीय बाजार में मजबूत हो सकती है। वहीं, समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।